
दैनिक भारत न्यूज टीम
लखनऊ।
बागपत जिले के सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली गर्भवती किशोरी सरकारी खर्चे पर अपने बच्चे को जन्म देगी। हाईकोर्ट ने अनुमति देते हुए कहा है कि बच्चे की डिलीवरी मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कराई जाएगी। इसका पूरा खर्चा सरकार वहन करेगी। हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, चिकित्साधिक्षक और डीएम बागपत को पक्षकार बनाया है।
किशोरी के परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए किशोरी के गर्भ में पल रहे 29 सप्ताह के गर्भ को गिराने की अनुमति मांगे थे।
बता दें कि शामली की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी बागपत जिले के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी बीच उसके प्रेम संबंध गांव के ही एक युवक के
साथ बन गए। इसी बीच किशोरी गर्भवती हो गई। पता चलने पर किशोरी प्रेमी संग फरार हो गई जिसके बाद किशोरी के मामा ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस केस दर्ज कर किशोरी को बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद उसका मेडिकल कराया गया। तब पता चला कि वह करीब 29 माह की गर्भवती है। पुलिस ने न्यायालय के समक्ष किशोरी का बयान दर्ज कराई। इस दौरान किशोरी ने युवक के साथ शादी करने की बात कही थी, लेकिन नाबालिग होने के नाते न्यायालय ने शादी को अवैध करार दे दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को जेल भेज दिया। जबकि किशोरी परिजनों की सुपुर्दगी में दे दी गयी। इसके बाद किशोरी के परिजन हाईकोर्ट का दरवाजा खट-खटाते हुए किशोरी का गर्भपात कराने की मांग किए। जिस पर हाईकोर्ट ने सीएमओ बागपत को पत्र जारी करते किशोरी का स्वास्थ्य परीक्षण करने, उसकी वास्तविक उम्र का पता लगाने, सुरक्षित गर्भपात के संबंध में रिपोर्ट मांगा। जिस पर सीएमओ ने गर्भपात में जोखिम की बात कही। इसके बाद हाईकोर्ट ने पीड़िता के गर्भ में पल रहे भ्रूण की डीएनए जांच कराने के आदेश दिए। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पीड़िता और उसकी मां के फैसले को ध्यान में रखते हुए किशोरी का प्रसव सरकारी खर्च पर कराने के निर्देश दिया है।
