
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
डीएम, एसपी के निर्देशों से इतर देवगांव कोतवाली पुलिस क्षेत्र में उल्टी गंगा बहा रहा है। एक मामले में पुलिस कुछ खास लोगों के दबाव में आकर पीड़ित के खिलाफ मुकदमा लिखकर दबाव बना रही है। साथ ही नियम से हटकर रात को मौके पर खड़ी होकर निर्माण करवा रही है। मामला संज्ञान में आने पर मंडलायुक्त ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है। कमिश्नर के एक्शन से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है।
यह रहा मामलाः
देवगांव कोतवाली क्षेत्र के जमीन कलीचपुर दूधरा गांव निवासी संतोष पुत्र हीरालाल की एक एकड़ जमीन के रकबे में से 28 कड़ी जमीन का सन 1991 में बैनामा क्षेत्र के राजबली को कर दिया गया। यह बैनामा संतोष के दादा रामपलट ने किया था। चूंकि बैनाम पार्ट का होने की वजह से खारिजदाखिल नहीं हो सका। राजस्व नियम के मुताबिक पार्ट के बैनामे की जमीन सरकारी घोषित हो जाती थी, ऐसे में खारिजदाखिल अब तक नहीं हो सका है। जमीन का खारिजदाखिल न होने से परेशान राजबली ने फर्जी तरीके से लेखपाल की मिली भगत से बगैर दाखिल खारिज हुए ही खतौनी में राजबली का नाम दर्ज हो गया। खतौनी के आधार पर राजबली ने साल 2016 में अपनी जमीन पंजाब के रहने वाले शांति देवी पत्नी साहब को बैनामा कर दिया। बीते फरवरी माह में विपक्षी जबरन संतोष की जमीन पर निर्माण करने लगे। इस दौरान पुलिस स्वयं खड़ी रहकर दीवाल जुड़वा रही थी। संतोष ने विरोध किया तो पुलिस 17 फरवरी 2026 को संतोष आदि के खिलाफ केस दर्ज कर ली। ऐसे में संतोष न्याय के लिए उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई। मंडलायुक्त ने पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया है।

थाने में बैठाकर पुलिस करवा रही थी निर्माणः
पीड़ित संतोष का आरोप है कि 27 जनवरी 2026 की रात को देवगांव कोतवाली पुलिस उसे थाने में बैठा ली। उधर विपक्षी निर्माण करवाने लगे। इस दौरान मौके पर भी पुलिस बैठकर काम करवा रही थी। ऐसे में मनोज कुमार ने डायल 1076 पर फोन कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर जानकारी दिया। ऐसे में पुलिस मनोज को उल्टे धमकाने लगी। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद सीओ लालगंज जांच करने पहुंचे। मामला चाहे जो भी हो, लेकिन पीड़ित के पास मौजूद मोबाइल फूटेज के आधार पर पुलिस घिरती नजर आ रही है। सही तख्त जांच के बाद ही उजागर होगा।
