अरुण यादव

आजमगढ़।
बेरोजगारी के दौर में मोटी कमाई करने के उद्देश्य से आजमगढ़ जिले के आठ और मऊ जिले के एक युवक को कुक और गार्ड की नौकरी दिलाने के बहाने एजेंट रूस देश में ले गये और वहां सेना में भर्ती करके युक्रेन देश से युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया गया। इनमें से आजमगढ़ के एक व्यक्ति की मौत हो गयी। जबकि आठ लोग अभी भी लापता हैं। इनका कोई पता नहीं चलने पर इनके घर कोहराम मचा हुआ है। जानकारी न होने से स्थानीय प्रशासन कोई जबाव नहीं दे रहा। जबकि भारतीय दूतावास की तरफ से इनके विषय में कोई सूचना मिलने पर जानकारी देने की बात की जा रही है। अपनों का कोई हालचाल न मिलने से लापता होने वालों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
रूस देश में गये यह सभी लोग काफी पहले से लापता हैं, लेकिन परिवार वालों की धड़कनें तब से और बढ़ गयीं हैं।जबसे से इनके साथी और रौनापार थाना क्षेत्र के बनकटा बाजार निवासी कन्हैया यादव की लाश उसके घर पहुंची है। कन्हैया के अन्य साथियों का कुछ पता न चलने से परिवार के लोग परेशान हैं और खोजबीन में जुट गये हैं।
रूस सेना के पक्ष में युक्रेन से युद्ध करते हुए मारे गये कन्हैया यादव को कुक की नौकरी दिलाने के लिए एजेंट ले गये थे। कन्हैया की मौत से आहत उसके बेटे अजय यादव ने बताया कि लापता होने वाल़ो में विनोद यादव उसके सगे मामा हैं।
अजय यादव ने बताया कि पिता कन्हैया यादव के साथ मऊ जिले के चंद्रापार गांव निवासी उसके मामा दीपक यादव के अलावा आजमगढ़ शहर से सटे खोजापुर माधोपट्टी गांव निवासी योगेंद्र यादव, सगड़ी तहसील क्षेत्र के आराजी देवारा करखिया महडौर गांव निवासी रामचंदर, इसी गांव का अरविद कुमार, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के टड़ियाखन गांव निवासी धीरेंद्र कुमार, इसी थाने के सठियांव गांव निवासी हुमेश्वर प्रसाद, मऊकुतुबपुर गांव निवासी दीपक और आजमगढ़ शहर के गुलामी का पूरा मुहल्ला निवासी अजहरूद्दीन का नाम शामिल है। अजय ने बताया कि पिता कन्हैया यादव के मौत की सूचना के बाद से अन्य लोगों के दिल की धड़कनें ज्यादा बढ़ गयीं हैं। लोग अपनों का हाल जानने के लिए बेकरार हैं और अपने अपने स्तर से पता लगाने में जुटे हुए हैं। अभी तक कोई सही और सटीक जानकारी नहीं हो सकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *