दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजे गए देवाधिदेव महादेव। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि पर्व पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उक्त तिथि में ही भगवान शिव तथा मां पार्वती का विवाह हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भोलेनाथ धरती पर आते हैं और प्रत्येक शिवलिंग में विराजमान होते हैं। इस दिन की आराधना करने से सांसारिक कष्ट दूर होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस बार की महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन शुक्रवार का प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। इससे इस दिन पूजा आराधना करने से दोगुना फल प्राप्त होगा। लोग देवालयों में पूजा अर्चना करते हुए तथा ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए भारी संख्या में देखे गए। बालक, वृद्ध, युवा सभी लोग पूजा अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हुए देखे गए। रतेश्वर महादेव मंदिर रेतवां चन्द्रभानपुर, राम जानकी मंदिर मसीरपुर ,महादेव मंदिर तिलखरा, प्रसिद्ध भोलेनाथ मन्दिर बड़ागांव आदि विभिन्न स्थानों पर आशुतोष अवढ़र दानी भोलेनाथ की आराधना पूजा श्रद्धा विश्वास के साथ हुई ।इस अवसर पर ओम प्रकाश सिंह तिलखरा, अमित सिंह, प्रधान धनंजय सिंह, राम नयन सिंह योगेश सिंह, योगेंद्र राय, सुनील सिंह डब्बू , कथा वाचक श्याम सुंदर पाण्डेय, सभासद राम अवतार चौहान, पूर्व प्रधान मुराहू चौहान, लौटन चौहान
आदि लोग उपस्थित थे। यही स्थिति जिले भर के छोटे बड़े मंदिरों की रही। घंटा घड़ियालों की धुन से पूरा क्षेत्र गूंजायमान रहा। सुबह से जो दर्शन पूजन का क्रम शुरू हुआ वह देर रात तक चलता रहा। घरों में भी अच्छे और स्वादिष्ट पकवान बनाए गये।

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