

आनलाइन फ्राड पकड़कर एक से बढ़कर एक घटनाओं का करते थे चुटकी में खुलासा
कानून से खिलवाड़ करने वाले कयी अपराधियों को ढेर कराकर करा दिए खामोश
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
सरकार से मंजूरी मिलने के बाद यूपी के साइबर सिंघम कहे जाने वाले आईपीएस प्रो. त्रिवेणी सिंह अब खाकी को हमेशा के लिए अवबिदा कर देंगे। उनके साथ ही पुलिस विभाग में एक होनहार अधिकारी की कमी हो जाएगी।
मूलरूप से बलिया जिले के रहने वाले प्रो. त्रिवेणी सिंह की गिनती सरल और इमानदार छवि वाले अधिकारियों में थी।
अपने कार्यकाल के दौरान त्रिवेणी सिंह जी आजमगढ़ जिले में एसपी रहे। यहां पर उनका कार्यकाल बहुत ही शानदार रहा। अपने कार्यकाल के दौरान आजमगढ़ में त्रिवेणी सिंह ने कोरोना का पहला भयावह मंजर देखा है। जिस समय लोग इस अनजान बीमारी से भयभीत और दहशत में थे। वहीं त्रिवेणी सिंह प्रत्येक संवेदनशील मामलों के संज्ञान में आने पर स्वयं मौके पर पहुंचते थे। हालांकि वह उस समय भी नौकरी छोड़ने की कयी बार चर्चाएं कर चुके थे। लेकिन उन्हे एक और इतिहास रचना था। प्रदेश में पुलिस विभाग में अलग से साइबर थाना खोला गया। पूरे प्रदेश के इन थानों की कमान लखनऊ मुख्यालय स्थित एसपी साइबर क्राइम के हाथ में थी। प्रो. त्रिवेणी सिंह इस पद पर एसपी बनने वाले पहले आईपीएस अधिकारी रहे। इसी पद पर रहते हुए प्रोफेसर साहब ने सरकार से रिटारमेंट के लिए अरजी दिया था। जिसे स्वीकार कर लिया गया। वह जल्द ही अपने पद से मुक्त हो जाएंगे।
