
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल द्वारा झंडारोहण एवं राष्ट्रगान किया गया। इसके बाद गांधी हाल में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी विनय कुमार गुप्ता सहित कलेक्ट्रेट के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा दोनों महानुभावों के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया। इस दौरान हरिहरपुर के गायक द्वारा सांस्कृतिक गीत की प्रस्तुति की गयी।
जिलाधिकारी ने गांधी जी के जीवन संघर्ष, देश की सेवा एवं उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि महात्मा गांधी जी से यह सीख लेनी चाहिए कि हम बिना कोई हथियार उठाये, अहिंसा के मार्ग पर चलकर भी जीत सकते हैं। महात्मा गांधी जी के आदर्शों को भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व मानता है। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरूष स्वतंत्रता संग्राम की मूल भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि हमें महात्मा गांधी जी के जीवन से सीखने की जरूरत है।हम आज जिस भी पद पर कार्य कर रहे हैं, उस पद के दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करें, जो कार्य हमें करने हैं, उसको अच्छा से अच्छा करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व को अपने निजी जीवन में आत्मसाध करने की आवश्यकता है। आज का दिन हम सबके लिए इन महान विभूतियों के विचारों को एक बार फिर से दोहराने का और यथासम्भव अपने जीवन में आत्मसाध करने का है, विशेष रूप से महात्मा गांधी के स्वच्छता का और स्वच्छता केवल भौतिक साफ-सफाई की बात नही है, बल्कि मन, वचन और कर्म तीनों से स्वच्छता, अहिंसा को जोड़ना है। उन्होने कहा कि महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री जी का गरीबों के प्रति, किसानों के प्रति विशेष लगाव था। लाल बहादुर शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। उन्होने कहा कि हमारा कर्तव्य एवं दायित्व है कि समाज के अन्तिम पायदान के व्यक्तियों तक सरकार द्वारा चलायी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाय। इसी के साथ ही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, मुख्य राजस्व अधिकारी सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों ने भी महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए गए। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट केे समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
