
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
मंदुरी हवाई अड्डे के पास आयोजित जनसभा स्थल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई अड्डा, विश्वविद्यालय समेत पांच हजार किमी. तक की सड़कों के निर्माणों की सौगातें देकर आजमगढ़ वासियों को भले ही मालामाल कर दिए। लेकिन खासतौर से लालगंज तहसील क्षेत्र के सैकड़ो गांव में रहने वालों के हाथ निराशा ही लगी है। लोगों को काफी उम्मीद थी कि मोदी के जरिए इस बार लालगंज के लोगों को आजमगढ़ से लालगंज होते हुए वाराणसी तक के लिए नयी रेल परियोजना के निर्माण की घोषणा का इंतजार था। लेकिन इस संबंध में घोषणा तो दूर की बात रही, किसी प्रकार का जिक्र तक नहीं किया गया। ऐसे में लालगंज क्षेत्र की अन्य कोई परियोजना की घोषणा नहीं हुई, जिससे की लालगंज क्षेत्र की अपनी कोई पहचान हो सके। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में जोश और उत्साह से शामिल होने वाले लालगंज क्षेत्र के लोग उनके जाने के बाद निराश दिखे। लोगों ने कहा कि साल 2014 से प्रधानमंत्री चौथी बार आजमगढ़ जिले में आए। उनका सभी कार्यक्रम आजमगढ़ शहर के आसपास ही आयोजित किया गया। जिसमें साल 2014 में वह प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर आए थे। जबकि तीन बार प्रधानमंत्री बनने के बाद आए। लेकिन हर बार लालगंज के लोगों के हाथ निराशा ही मिली। यही कारण है कि लालगंज के नाम से विधान सभा और लोकसभा सीट होने के बावजूद आज अपने पहचान को मोहताज है। साल 2014 में नीलम सोनकर लालगंज की जनता को रेलवे लाइन का सपना दिखाकर चुनाव जीत गयीं। नीलम के तौर पर लालगंज में भाजपा की पहली महिला सांसद बन गयीं। इस बार भी नीलम लालगंज से मैदान में हैं। इस रेलवे लाइन की मांग कयी बार भाजपा सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ और लालगंज से बसपा सांसद संगीता आजाद की तरफ से सदन में मुद्दा उठाते हुए मांग भी की गयी थी। लेकिन इस संबंध में अभी तक कुछ नहीं हुआ। केवल अफवाएं इधर उधर की उड़ती रही। रविवार को प्रधानमंत्री की रैली में शामिल लोगों का कहना था कि मोदी जी आजमगढ़ वालों को सौगातें देकर मालामाल करते हुए विकास का झुनझुना थमा दिए, लेकिन लालगंज वालों को निराश कर दिए।
