दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर बुधवार को सगड़ी तहसील क्षेत्र के बेलहिया ढाले पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए। ग्रामीणों ने विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर को अपने बीच पाकर बहुत ही प्रसन्न नजर आ रहे थे। इस कारण की पूर्व में विधान परिषद सदस्य ने महुला गढ़वल बांघ की समस्या को विधान परिषद की बैठक में गंभीरता से उठाया था। नतीजा यह रहा कि दैवीय आपदा जांच समिति ने आजमगढ़ के संबंधित अधिकारियों को तलब कर लेखा जोखा लिया था। ग्रामीणों ने कहा कि देवारा के निवासियों को रामसूरत राजभर से ही उम्मीद लगी है , क्योंकि और जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान नहीं देते हैं। सगड़ी तहसील के बाढ़ ग्रस्त एरिया मोहल्ला से गढ़वल संपर्क मार्ग पर बेलहिया ढाले पर पुल का निर्माण हुआ था, जो विगत 5 वर्ष पहले घाघरा के तेज बहन में बह गया, तभी से वहां के स्थानीय ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते रहे, विधानसभा या लोकसभा चुनाव में भी लोग आश्वासन देते रहे लेकिन अभी तक इसका निर्माण नहीं हो सका। इस पुल के बाहर जाने के कारण 36 गांव प्रभावित होते हैं, और लोगों को संपर्क मार्ग लगभग 3 महीने कट जाता हैं। विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर ग्रामीणों के इस समस्या को गंभीरता से लिया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सगड़ी तहसील के तहसीलदार, बाढ़ खंड के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एमएलसी ने बाढ़ खंड के अधिकारी को निर्देशित किया कि तत्काल प्रभाव से इस पुल का निर्माण के लिए प्रक्रिया को पूरी कर बजट को बताएं।
आगे रामसूरत राजभर ने कहा कि यहां के स्थानीय विधायक और सांसद ग्रामीणों की समस्या की तरफ ध्यान आकर्षित नहीं करते, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्तमान समय में स्थानीय विधायक और सांसद दोनों समाजवादी पार्टी के हैं, लेकिन जनता की समस्याओं की तरफ उनका ध्यान केंद्रित नहीं है। जल्द ही स्कूल का निर्माण करने का प्रयास करूंगा।
इस मौके पर मंडलीय प्रतिनिधि सौरभ उपाध्याय, श्रवण मौर्य, देवरा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष राम केदार यादव, श्रवण , विक्की यादव, यादवेंद्र, सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

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