दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा, बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकार तथा सामाजिक न्याय की मांग को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
संगठनों ने कहा कि मौजूदा केंद्र और राज्य सरकारें बहुजन समाज विरोधी नीतियां चला रही हैं। बहुजन समाज के ऐतिहासिक व संवैधानिक अधिकारों की उपेक्षा की जा रही है। इन नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगे
सभी चुनावों में EVM हटाकर बैलेट पेपर लागू किया जाए।
जातीय आधारित जनगणना कराई जाए।
आदिवासी समाज पर हो रहे अन्याय और उत्पीड़न रोके जाएं।
मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समाज की धार्मिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की गारंटी की जाए।
SC/ST/OBC कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण लागू किया जाए।
बहुजन समाज से जुड़े राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों का समाधान किया जाए।
नेताओं ने कहा कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 25 सितम्बर को सभी जिला मुख्यालयों पर जेल भरो आंदोलन और जन आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) व 19(1)(b) के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होगा।

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