
संध्या वंदन के समय मनोज के अंतःकरण से उठी भारत रत्न पाने की आवाज
अधिकारियों को दिए पत्र में मनोज ने किया अपनी अंतिम इच्छा पूरी कराने की मांग
मंडलायुक्त के निर्देश पर आधिकारी, कर्मचारी कर रहे मामले की जांच
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
जैसे जैसे लोकसभा चुनाव की तिथियां नजदीक आ रही हैं, वैसे वैसे लोगों की अलग अलग डिमांड शुरू हो गयी है। इसीक्रम में गोरखपुर जिले के रहने वाले एक मनोज कुमार गोंड़ ने मंडलायुक्त गोरखपुर को पत्र लिखकर *भारत रत्न* दिलाने की मांग की है। कमिश्नर के आदेश पर अधिकारी और कर्मचारी जांच पड़ताल में जुट गये हैं। देखना है कि इनकी अंतिम इच्छा को अधिकारीगण किस प्रकार से पूरा कराते हैं।
भारत रत्न दिलाने की मांग करने वाले मनोज कुमार गोड़ पुत्र स्व. तुलसी प्रसाद गोंड़ मूल रुप से गोरखपुर जिले के पिपराइच थाने के कुसम्ही बाजार के पास महराजी (उत्तरी टोला ) के रहने वाले हैं। गोरखपुर शहर में स्थित छात्रसंघ, कबाड़ी गली, कालेपुर मुहल्ला निवासी इंद्रावती सिंह के मकान में किराए पर रहते हैं।
11 अक्टूबर 2023 को इनके द्वारा आयुक्त मंडल गोरखपुर को प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें इन्होने लिखा है कि वह 30 सितंबर को संध्या वंदन से पूर्व ध्यान साधना में बैठे थे। तपस्या के समय ही उनके अंतःकरण से बड़ी तीव्र गति से आवाज आने लगी कि मुझे *भारत रत्न* चाहिए, मुझे *भारत रत्न* चाहिए। इसलिए मुझे *भारत रत्न* दिलाकर मेरी मनोकामना और अंतिम इच्छा पूरी कराएं। मनोज का प्रार्थना पत्र 11 अक्टूबर को अपर आयुक्त प्रशासन द्वारा डीएम गोरखपुर को भेजा गया। 12 अक्टूबर को डीएम ने सीडीओ गोरखपुर को पत्र फारवर्ड कर दिया। इसके बाद सीडीओ ने एसडीएम सदर गोरखपुर को और एसडीएम ने तहसीलदार को पत्र भेज दिया। तहसीलदार सदर गोरखपुर ने 14 नवंबर 2023 को पत्र राजस्व निरीक्षक पिपराल को पत्र भेजते हुए आख्या मांगी है। उधर मनोज कुमार गोंड़ के इस तरह से पत्र दिए जाने और पत्र को लेकर गोरखपुर प्रशासन की इस तरह की गतिविधि शुरू होने से चर्चाओं का माहौल गरम है।
