
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद राजनैतिक माहौल गरम हो गया है। तमाम नेतागण एक दूसरे दल का हाथ छोड़ और पकड़ रहे हैं। पार्टीयों के लोग लोकसभा सीटों पर अपने अपने प्रमुख नेताओं को प्रत्याशी घोषित कर रहे हैं। इसीक्रम में वाराणसी लोकसभा सीट से इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष मुर्दों का मसीसा मृतक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालबिहारी मृतक भी दावेदारी ठोकेंगे। सोमवार को विज्ञप्ति जारी करके लालबिहारी ने इस बात की जानकारी दी है।
मृतक संघ की तरफ से जारी विज्ञप्ति के जरिऐ बताया है कि वे इस बार वाराणसी संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में हाथ आजमाएंगे। लालबिहारी के मुताबिक वह सरकारी अभिलेखों में जीवित रहते हुए मृत दिखा दिए गये थे। अभिलेखों में जींदा होने के लिए लालबिहारी को तमाम पापड़ बेलने पड़े। लालबिहारी स्वयं के अलावा अन्य कयी लोगों को सरकारी रिकार्ड में जिंदा करने के लिए आज भी संघर्ष कर रहे हैं। लालबिहारी ने बताया कि चुनाव लड़ने का उनका मुख्य उद्देश्य गरीबों को न्याय दिलाना होगा। इसी लिए वे वाराणसी से चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाए हुए हैं। बता दें कि लालबिहारी करीब 40 साल तक लंबी लड़ाई के बाद साल 2017 में सरकारी अभिलेखों में जीवित हुए। लालबिहारी सरकारी अभिलेखों मृत दिखाए गये एक हजार से अधिक लोगों को जिंदा कर चुके हैं। उनके वाराणसी से ताल ठोंकने से चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है।
