दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
छेड़खानी के बाद युवती को जलाकर हत्या किए जाने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को छब्बीस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 7 रमेश चंद्र ने मंगलवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मुबारकपुर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर भरौलिया गांव में 9 सितंबर 2014 की रात लगभग पौने एक बजे वादिनी मुकदमा राखी भारती की बहन सरोज भारती सिर दर्द होने की वजह से दवा खाने के लिए घर के बाहर हैंडपंप पर गई। तभी गांव के शांति भूषण उर्फ संतोष, सुभाष जालंधर ,श्री राम, कल्पनाथ तथा बृजभूषण, राजा व एक नाबालिग ने सरोज का मुंह दबा कर उसे एक पेड़ से बांध दिया और उसके कपड़े फाड़ डाले।हमलावरों ने मिट्टी का तेल छिड़ककर सरोज के शरीर मे आग लगा दिया। सरोज के चिल्लाने घर व गांव के लोग आ गए तब सभी आरोपी भाग निकले। बुरी तरह से झुलसी स्थिति में सरोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान 16 सितंबर को उसकी मौत हो गई पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद श्रीराम, जालंधर, बृजभूषण , कल्पनाथ सुभाषचंद्र तथा एक नाबालिग के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। नाबालिग आरोपी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय तथा विजय बहादुर सिंह एडवोकेट ने कुल चौदह गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी श्रीराम, बृजभूषण, सुभाषचंद्र तथा जालंधर को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को छब्बीस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी कल्पना को पर्याप्त सबूत के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *