दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
दलित युवक की हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत दो आरोपियों पर पच्चीस हजार रूपये अर्थदंड तथा एक आरोपी पर पचास हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। जबकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया। यह फैसला एससीएसटी कोर्ट के जज विजय कुमार वर्मा ने सोमवार को सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार वादिनी हेमा कुमारी निवासी रोवापार थाना मेहनाजपुर के भाई अर्जुन से रोहित उर्फ कमलेश निवासी विनैकी थाना मेहनाजपुर से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के 31 अगस्त 2014 की सुबह साढ़े सात बजे जब अर्जुन अपनी बेटी और भांजी के साथ बाइक से घर लौट रहा था। तब क़ूबा डिग्री कॉलेज के सामने रोहित उर्फ कमलेश, सरजू , डम्पी उर्फ तेजप्रताप सिंह निवासी रोवापार तथा जितेंद्र सिंह निवासी शाहपुर थाना मेहनाजपुर ने अर्जुन को रोक लिया। सभी हमलावरों ने अर्जुन को गोली मार दी। जिससे अर्जुन की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने कुल 13 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी रोहित उर्फ कमलेश सरजू को आजीवन कारावास तथा पच्चीस हजार रूपये अर्थदंड जबकि डंपी उर्फ तेज प्रताप सिंह को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वही आरोपी जितेंद्र सिंह को सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

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