
रागिनी शर्मा
आजमगढ़।
जिले में लम्पी वायरस ने गोवंशीय मवेशियों को बुरी तरह जकड़ लिया है। तेजी से फैल रही इस बीमारी से पशुपालक बेहाल हैं। इलाज और टीकाकरण की व्यवस्था न होने से लगातार मवेशियों की मौत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टरों की टीम अब तक गांवों तक नहीं पहुंची।
लम्पी वायरस से संक्रमित मवेशियों के शरीर पर कठोर गांठें निकल रही हैं, जो पककर फटने लगती हैं। साथ ही तेज बुखार, आंख-नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन और सांस लेने में दिक्कत जैसी लक्षण सामने आ रहे हैं। बछड़े और बछिया भी इसकी चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मवेशी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
निजामाबाद के फरहाबाद निवासी कृपाशंकर मिश्रा की चार गाएं, आकाश मिश्रा की दो गाएं और लोरिक यादव समेत दर्जनों पशुपालकों के मवेशी इस वायरस की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शायद ही कोई गांव बचा हो, जहां लम्पी वायरस ने दस्तक न दी हो।
पशुपालकों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर पर तैनात पशु चिकित्सकों की टीम अभी तक गांवों का दौरा करने नहीं पहुंची। न तो जांच हो रही है और न ही टीकाकरण। इससे बीमारी और मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
