
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
सहारा ग्रुप की सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी में निवेश राशि न लौटने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तीन अलग-अलग मुकदमों में निवेश करने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्यों को लगभग आठ लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है।
इस मामले में पीड़ित कमलाकर पांडे निवासी प्रगति नगर कोलबाज बहादुर थाना कोतवाली ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल किया था। जिसके अनुसार कमलाकर पांडे ने सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी की आजमगढ़ शाखा से दो फिक्स डिपॉजिट तथा स्टार्ट टू योजना के तहत फिक्स डिपॉजिट कुल मिलाकर 456623 का निवेश किया था। जब कमलाकर पांडे ने कंपनी से रुपए वापस करने के लिए दावा किया। तब कंपनी की तरफ से कोई उचित जवाब नहीं दिया गया। इस मामले में सुनवाई का मौका दिए जाने के बावजूद सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इस मामले में एक पक्षीय रूप से सुनवाई पूरी करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार तथा सदस्य प्रतिष्ठा वर्मा ने विपक्षी सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी लिमिटेड को मुकदमा दाखिल करने की तिथि 12 मार्च 2024 से नौ 456623 रूपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ तथा 10000 रूपये मानसिक तथा शारीरिक पीड़ा के लिए हुए नुकसान के रूप में देने का आदेश दिया। इसी तरह से कमलाकर पांडे की पत्नी मनसा पांडे ने भी इसी कंपनी में 300000 रूपये का निवेश किया था। जिसे कंपनी ने नहीं लौटाया। आयोग ने इस मामले भी सुनाई करते हुए 300000 क्षतिपूर्ति तथा 10000 रुपए मानसिक तथा शारीरिक कष्ट के लिए भुगतान करने का आदेश दिया। वहीं कमलाकर पांडे की पुत्री जयप्रभा पांडे ने भी इसी कंपनी में लगभग 30000 रुपए निवेश किए थे। आयोग ने कंपनी को जयप्रभा पांडे को उनके निवेश की राशि 9% ब्याज के साथ लौटने का आदेश दिया।
