गंभीरपुर थाने की पुलिस द्वारा मकान में लगे सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का मामला

दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो

आजमगढ़।
*पुलिस घरवालों की पिटाई कर मकान में लगाए गये सीसीटीवी कैमरा तोड़ी* नामक शीर्षक से आपके चहेते न्यूज पोर्टल और वेबसाइट में 23 जनवरी दिन मंगलवार को प्रमुखता से उठाया था। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सीओ सदर को जांच सौंपी है।

*यह रहा पुरा मामला*
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के मुड़हर गांव निवासी कमलौती पत्नी राजमन मंगलवार को सीओ सदर से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। साथ ही शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें गंभीरपुर थाने की पुलिस पर घर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। उसके मुताबिक पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
कमलौती का आरोप है कि रंजिश के चलते 21 जनवरी को गांव के तमाम महिला और पुरुष घर पर चढ़कर परिवार के सदस्यों को मारपीटकर घायल कर दिए। घटना के संबंध में कमलौती ने पुलिस कंट्रोल रुम में सूचना दी। जब डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची तो सभी लोग चले गये। यह पूरा घटनाक्रम मकान के चारो तरफ लगाए गये सीसीटीवी कैमरे में कैद है। हालांकि पुलिस आने पर मामला शांत हो गया।
कमलौती ने बताया कि मंगलवार को सुबह करीब दस बजे गंभीरपुर थाने पर तैनात तमाम पुलिसवाले उसके घर पहुंचे। पुलिस घर पहुंचते ही मकान में घूसकर तोड़फोड़ करने लगी। इस दौरान मकान के बाहर लगाए गये सीसीटीवी कैमरा को भी तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही उसके बेटे और बेटी को विपक्ष की महिलाओं के हाथों पिटवाई और स्वयं भी मारपीटकर घायल कर दी। साथ ही थाने लेकर चली गयी। कमलौती के मुताबिक वह अपनी मां की देखभाल के लिए मायके में रहती है। विपक्षी को यह बात नागवार लग रही। वह गंभीरपुर थाने की पुलिस के साथ मिलकर तरह तरह के आपराधिक षड्यंत्र रचकर उसे और बच्चों को फंसा रही है, ताकि परेशान होकर हमलोग चले जाएं और सभी लोग उसके मां की जमीन पर कब्जा कर लें।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर विनय कुमार सिंह ने बताया कि इन लोगों का काफी दिनों से विवाद चल रहा। वह अपने मकान पर गलत ढंग से सीसीटीवी कैमरा लगाया है, जिसे लाठी मारकर तोड़ दिया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कमलौती के पक्ष के कुछ लोगों को पकड़ा गया है। इनका शांतिभंग में चालान किया जाएगा।
बता दें कि पुलिस लाख सफाई दे, लेकिन वायरल हुई वीडियो में पुलिस की ही लापरवाही उजागर हो रही है। पुलिस अपने इस तरह के कृत्य से उच्चाधिकारियों और सरकार की भी छवि खराब कर रही है।

*पुलिस अधीक्षक ने बैठाई जांच, सीओ सदर हुए नामित*
बुधवार को प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर विनय कुमार सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि एसओ गंभीरपुर के अलावा कयी अन्य थानों के भी थानाध्यक्ष इधर से उधर हुए हैं। उधर पुलिस अधीक्षक अनुराग देर शाम को एक बयान जारी करते हुए बताया कि गंभीरपुर थाने के मुड़हर गांव के इस पूरे मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गयी है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी के इस प्रयास से पीड़ित परिवार और नात रिश्तेदारों में न्याय की उम्मीद जग गयी है।

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