दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को तीन साल के कैद तथा पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला गैंगेस्टर कोर्ट रामानंद ने सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली डीपी शुक्ला ने 7 जून 1992 को कोतवाली में मौजूद क्राइम रिकॉर्ड के आधार पर रूपेश कुमार सिंह पुत्र राम पलट सिंह निवासी हरबंशपुर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया। अपने गैंग चार्ट में प्रभारी निरीक्षक ने गंभीर अपराधों के सोलह मुकदमों का जिक्र किया। इस मामले में मार्च 1993 में चार सीट न्यायालय में प्रसिद्ध की गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता संजय द्विवेदी तथा विनय कुमार मिश्रा ने इंस्पेक्टर डीपी शुक्ला, कांस्टेबल बकरीदन अली तथा सब इंस्पेक्टर सर्वदेव सिंह को बतौर साक्षी न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी रूपेश सिंह को 3 साल की कैद तथा पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

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