

दैनिक भारत न्यूज
बिंद्राबाज़ार।
इसरार अहमद को लेकर गंभीरपुर थाने की पुलिस का दोहरा चरित्र दिखा। साथ ही पुलिस की यह कारश्तानी भी उजागर हो गयी की पुलिस कितनी तन्मयता से अपना काम कर रही है।
जिस व्यक्ति को 26 जनवरी 2014 को पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया है। उसी व्यक्ति से गंभीरपुर पुलिस को चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका है। 70 वर्षीय इसरार अहमद से पुलिस को भग है कहीं वह बुथ कैप्चरिंग तो नहीं कर लेगा। इन्ह़ी बातों को लेकर गंभीरपुर थाने की पुलिस ने उसे पाबंद करते हुए नोटिस पकड़ा दिया है।
यह मामला गंभीरपुर थाना क्षेत्र के चिवटही गांव का है। लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत जहां हर ग्राम सभा में लोगों को पुलिस द्वारा पाबंद किया जा रहा है। उसी क्रम में गंभीरपुर थाना क्षेत्र के चिवटही गांव में भी 17 लोगों को पाबंद किया गया है। उसी में एक नाम इसरार पुत्र हामिद का भी है। जिनकी उम्र गंभीरपुर पुलिस द्वारा 57 वर्ष दर्शाया गया है। जबकि उनकी उम्र आधार कार्ड और पैन कार्ड के मुताबिक 70 वर्ष है। पाबंद किए गए व्यक्ति को महाराष्ट्र पुलिस के साथ-साथ 26 जनवरी 2014 को पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। और आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 13 में 2023 को किसी भी प्रकार की मुकदमा न होने पर चरित्र प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। इसके बाद भी गंभीरपुर थाने की पुलिस इसरार से भय खा रही है।
