
जीवन साथी मैट्रोमोनी ऐप व विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए फंसाते थे ग्राहक
दरोगा की वर्दी और मेडल लगाने से लोग कर लेते थे विस्वास
लखनऊ, मिर्जापुर, प्रयागराज आदि क्षेत्रों में करते थे ठगी
आजमगढ़।
पुलिस सोशल मीडिया के भिन्न प्लेटफार्मों के जरिए फर्जी दरोगा बनकर लड़कियों और उनके घर वालों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक फर्जी दरोगा भी शामिल है। पुलिस इनके पास से पुलिस के दरोगा की वर्दी, मेडल, तमंचा, कारतूस और कयी महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद की है। इस बात का खुलासा सोमवार को एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने किया।
अपराध का तरीका ः
एसपी सिटी के मुताबिक यह आरोपी पुलिस की वर्दी पहन कर Jeevansathi.com के माध्यम से लोगों को ठगते हैं। यह गैंग बीते साल 2020 से सक्रिय है। वर्दी पहन कर Istagram और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने आप को एसआई बताते हैं। पुलिस के मेडल लगाते हैं। पुलिस वालों और नेताओं के साथ फोटो प्रोफाईल पर डालते है। नियमित रूप से वर्दी पहन कर विभिन्न दफ्तरों में जाते हैं व समारोह में शामिल होते हैं। शादी के प्रोपोजल आते हैं उनसे नजदीकी बढ़ाते हैं और फिर मां के आपरेशन के नाम पर पैसे मांगते हैं। अपने शिकारों को यह Instagram और Jeevansathi.com से लॉगआउट कर देते हैं और सम्पर्क काट देते हैं। यह बलिया, मिर्जापुर, लखनऊ और प्रयागराज में सक्रिय हैं। इस पर पहले से प्रयागराज व लखनऊ में मुकदमे लिखे जा चुके हैं। आजमगढ़ जिले में एक आर्म्स एक्ट पंजीकृत किया गया है। चेकिंग में बवर्दी(फर्जी) पकड़े जाने व दो धोखाधड़ी के मुकदमे कोतवाली और फूलपुर में लिखाये गये हैं।
यह रहा घटना क्रमः
एसपी सिटी शैलेंद्र लाल के मुताबिक दस सितंबर को बृजेन्द्र सिंह पुत्र स्व. सच्चिदानन्द सिंह साकिन रामपुर भीमसेन कला का पुरवा थाना संचेड़ी जनपद कानपुर द्वारा खुद के भतीजी पीड़िता से नकली दरोगा बनकर शादी का झांसा देकर से 70 हजार रुपये धोखा धड़ी के माध्यम से ले ले लिए। दरोगा (उपनिरीक्षक) का वर्दी पहनकर एवं फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपना आधार कार्ड व परिचय पत्र फर्जी व कुटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा अपने को (लोक सेवक) दरोगा बताने के सम्बन्ध में थाना कोतवाली जनपद आजमगढ़ में केस अभियुक्त धीरज सिंह पुत्र प्रवीण कुमार सिंह निवासी दुधैला थाना सहतवार जनपद बलिया, हाल पता अटलपुरी सेक्टर न.-2 लखनऊ के विरूद्ध पंजीकृत है। जिसकी विवेचना उप निरीक्षक संजय तिवारी प्रभारी चौकी बलरामपुर को सौपी गयी। जबकि दूसरी केस थाना फूलपर में लिखी गयी। जिसमें एक महिला ने सूचना दिया गया कि कुछ महिने पहले जीवन साथी एप पर अभियुक्त धीरज सिंह पुत्र प्रवीण कुमार सिंह उपरोक्त निवासी अटलपुरी सेक्टर नं. 2 लखनऊ दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा खुद को लखनऊ विकास भवन गेट नं. 12 का प्रभारी दरोगा के पद पर तैनाती बताकर एवं पुनः जनपद आजमगढ़ के थाना फूलपुर के चौकी पर चौकी प्रभारी के रूप मे तैनात होने के सम्बन्ध मे फर्जी पीएनओ व फर्जी कूटरचित पुलिस आईडी व वर्दी पहनकर झांसा देकर पीड़िता उपरोक्त से माँ की तबियत खराब होने की बात बताकर गुगल-पे व योनो एसबीआई के माध्यम से 50,000/- रूपये धोखाधड़ी के माध्यम से ठग लिया। जिसकी विवेचना उप निरीक्षक राजन द्विवेदी द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में उपनिरीक्षक संजय तिवारी, कोतवाली पुलिस द्वारा बैठौली पुलिया से उपरोक्त अभियोग में सम्मिलित अभियुक्त धीरज सिंह और सहयोगी राजेश सिंह पुत्र पवन सिंह निवासी श्रीनगर थाना बैरिया जनपद बलिया व प्रवीण प्रताप सिंह पुत्र महेश्वर सिंह निवासी नौकागाँव थाना रेवती जनपद बलिया को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इनके कब्जे से स्वीफ्ट कार नं. UP14BE6050 बरामद किया गया।
आरोपियों ने स्वीकार किए जुर्मः
एसपी सिटी के मुताबिक अभियुक्त धीरज सिंह उपरोक्त से पूछताछ पर बताया कि अपने सुख सुविधा और समाज मे अपना रूतबा जमाने के लिये काफी दिनों से उ. प्र. पु. दरोगा की वर्दी पहनकर धोखा देने के लिये फर्जी नेम प्लेट व परिचय पत्र अपने मामा पंकज सिंह उपरोक्त के सहयोग से बनवाकर कुटरचना करके अपने भौतिक व आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से यह कार्य करते है जो भी लाभ प्राप्त होता है। उसे मिल बाट कर ऐसों आराम करते है। दूसरा अभियुक्त भी इसी प्रकार जुर्म स्वीकार कर रहा है। यह सभी पेशेवर अपराधी हैं।
