दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को दस दस वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को 130500 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी राशि वादी मृतका के पुत्र वादी मुकदमा को देने का भी आदेश दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो अमर सिंह ने शुक्रवार को सुनाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा मिथिलेश वर्मा निवासी अटहरा थाना अतरौलिया 27 जून 2018 की शाम गांव के ही अजीत दूबे के घर एक भोज में गया था। इस भोज में वादी मुकदमा की मां प्रभावती देवी भी गई थी। अजीत दूबे के दरवाजे पर ही मिथिलेश वर्मा का गांव के घनश्याम वर्मा, संगम वर्मा तथा प्रमोद वर्मा निवासी बहेलियापार थाना अतरौलिया तथा प्रमोद वर्मा, बृजेंद्र वर्मा निवासी कियामपुर थाना राजेसुल्तानपुर जनपद अंबेडकरनगर वर्मा से विवाद हो गया। मिथिलेश वर्मा की मां प्रभावती देवी रात नौ बजे जब अपने घर वापस लौट रही थी तब घनश्याम, संगम, बृजेंद्र तथा प्रमोद ने प्रभावती देवी को घेर लिया और कुल्हाड़ी से प्रभावती के दोनों पैर काट दिया और सर में भाले से भी प्रहार किया। शोर सुनकर जब मिथलेश पहुंचा तो हमलावरों ने मिथिलेश को भी मारने करने के लिए दौड़ा लिया। बुरी तरह से घायल प्रभावती देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 9 जुलाई 2018 को प्रभावती देवी की मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी चारों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड तथा हरेंद्र सिंह ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी घनश्याम वर्मा, संगम वर्मा ,बृजेंद्र वर्मा तथा प्रमोद वर्मा को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को 130500 अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माना की आधी राशि मृतका प्रभावती देवी के बेटे वादी मुकदमा मिथिलेश वर्मा को देने का भी आदेश दिया।

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