
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
लालगंज लोकसभा क्षेत्र की जनता को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। क्योंकि लोगों की बहुप्रतिक्षित मांग आजमगढ़- वाराणसी रेल सेवा की आस अब तक पूरी नहीं हो सकी। जबकि यह रेलवे ट्रैक अब लालगंज तहसील मुख्यालय से काफी दूर पूरब तरवां क्षेत्र से जा रही है। वहां सर्वे होकर अब ट्रैक बिछाने के लिए पत्थर गाड़ने का काम शुरू हो गया है।
बता दें कि लालगंज क्षेत्र के पहले सांसद बाबू कालिका सिंह ने 1956 में आजमगढ़- लालगंज- वाराणसी रेलवे ट्रैक बनाने की मांग उठाए। इसके बाद सर्वे हुआ, लेकिन मामला दब गया। इसके साथ ही लोगों की उम्मीद भी दब गयी, लेकिन साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी नीलम सोनकर के चुनाव प्रचार करने के लिए लालगंज कस्बे के राम जानकी मैदान में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आए थे। उनके साथ मंच पर मौजूद लालगंज क्षेत्र के लोकप्रिय पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह ने जनता की तरफ से राजनाथ से मांग किए कि लालगंज की जनता लालगंज होते हुए आजमगढ़-वाराणसी रेलवे ट्रैक बिछाने की मांग किए थे, कहा था कि जनता चुनाव जीताएगी तो यह मांग पूरी करनी होगी। चुनाव जीतने के बाद नीलम ने बयान दिया था कि ट्रैक बिछाने के लिए सर्वे हो रहा, इसके लिए 90 लाख का बजट पास हुआ है। इसके बाद मामला दब गया। तभी से बीच बीच में मामला उठा, लेकिन कोई बात नहीं बनी। इस संबंध में भाजपा आजमगढ़ के पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने भी इस रेलवे योजना को पास कराने की मांग किए। मौजूदा समय में रेलवे ट्रैक लालगंज से न जाकर तरवां, गाजीपुर बार्डर से होकर जा रहा है। ऐसे में लालगंज की जनता आज भी ठगा महसूस कर रही है। लोगों का कहना है कि निरहुआ पास हो गया, लेकिन इस मुद्दे पर कद्दावर नीलम सोनकर फेल हो गयी। क्षेत्र का कोई भी नेता इस मुद्दे पर अपनी ताकत और क्षमता नहीं दिखा सका।
