
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
पूर्वांचल में ठाकुर नेताओं के टापटेन की सूची में शीर्ष स्थान रखने वाले पूर्व एमएलसी एवं पूर्व मंत्री यशवंत सिंह का भाजपा से निष्कासन रद्द कर दिया गया। इसकी घोषणा स्वयं प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने किया। भाजपा नेता का पत्र वायरल होने पर समर्थकों में जोश और खुशी की लहर दौड़ गयी। यशवंत सिंह को दो साल बाद पार्टी में पुनः शामिल किया गया है।
पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह ने ही साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अपनी सीट छोड़ दिया था। इसके बाद यशवंत के नाम की चर्चा पूरे प्रदेशभर में होने लगी थी। साल 2022 में आजमगढ़ मऊ स्थानिय निकाय प्राधिकारी ( एमएलसी ) का चुनाव हुआ। भाजपा ने सपा विधायक के पुत्र पूर्व भाजपा विधायक अरुणकांत यादव को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। जबकि यशवंत सिंह ने अपने बेटे विक्रांत सिंह रिशू को निर्दलय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरवाया और चुनाव बंपर वोटो से जीत लिया। इस तरह के बगावती तेवर की वजह से यशवंत सिंह को छह साल के लिए भाजपा से निष्कासित किया गया था। लेकिन सोमवार को उनका निष्कासन रद्द करके पुनः भाजपा में शामिल कर लिया गया। इससे पार्टी नेताओं में हर्ष का माहौल है।
