दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 67750 रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की आधी राशि मृतक के वारिसों को देने का भी आदेश दिया है। यह फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा अजय उपाध्याय निवासी मुखलिसपुर थाना कप्तानगंज के चाचा देवी चरण 26 जून 2012 की सुबह 5:30 बजे सोच के लिए जा रहे थे, तब आबादी की जमीन की रंजिश को लेकर ब्रजेश उपाध्याय, रमेश उपाध्याय, जनार्दन उपाध्यक्ष, अखिलेश, हृदय नारायण, विप्लव और बंदे ने देवी चरण को गाली गलौज दिया। गाली देने से मना करने पर सभी आरोपियों ने लाठी डंडे से उन्हें पूरी तरह से मारा और रमेश ने कट्टे से फायर भी किया। देवी चरण को बचाने जब वादी मुकदमा अजय, पंकज और विजय पहुंचे तो उन्हें भी हमलावरों ने बुरी तरह से मारा बेटा बुरी तरह से आई छोटू के कारण देवी चरण की मृत्यु हो गई पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्ज शीट न्यायालय में प्रेषित किया अभियोजन पक्षी तरफ से सहायक शासकीय अधिकार निर्मल शर्मा ने कुल आठ गांवों को न्यायालय में परीक्षित कराया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने ब्रजेश उपाध्याय,रमेश उपाध्याय, जनार्दन, अखिलेश उपाध्याय तथा विप्लव उर्फ बिन्दे को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 67750 रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी हृदय नारायण के अदालत में मौजूद न रहने पर उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
इसी मुकदमे के क्रास केस कातिलाना हमले के मुकदमे की सुनवाई पूरी करने पर अदालत ने तीन आरोपियों को सात वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक पर 15000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मुकदमे की अभियोजन कहानी के अनुसार वादी मुकदमा बृजेश 26 जून 12 की सुबह शौच के लिए जा रहा था। तब अजय, कमलेश, पंकज नरेंद्र आदि ने बुरी तरह से लाठी डंडा से मारा और फायरिंग भी किया। जिससे रमेश को गोली के छर्रे लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। दौरान मुकदमा आरोपी कमलेश की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अजय, पंकज तथा नरेंद्र को सात सात वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक पर 15000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

 

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