
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
विकास खंड ठेकमा के सिसरेड़ी, भीरा, राजेपुर, जैतीपुर गाँव में मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जब इसकी जमीन स्तर पर पड़ताल की गई तो मनरेगा योजना में हो रही भ्रष्टाचार की कलई परत दर परत खुलकर सामने आने लगी। जो गांव में कभी साइड पर नहीं जाते हैं उनके नाम से साइड पर कार्य करते हुए आनलाइन मास्टरोल में हाजिरी लगा दी जाती है। ग्राम पंचायत में नियुक्त तकनीकी सहायक द्वारा बिना साइड पर गए एमबी कर दी जाती है। मजदूरों के खाते में पैसे भेजकर निकलवा लिया जाता है। जिसमें दो चार सौ रुपए उन मजदूरों को पैसे दे दिए जाते हैं, जिनको मनरेगा मजदूर बनाया गया है। भ्रष्टाचार के विरुध्द काफी जद्दोजहद के उपरांत ग्राम पंचायत भीरा व राजेपुर में लोकसभा चुनाव तक मनरेगा कार्यो पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में प्रधानों का कहना है कि मनरेगा के ज़िम्मेदार अधिकारियों ने हर काम पर अपना अपना कमीशन फिक्स किया है। और वह लोग स्वयं भ्रष्टाचार में पूर्ण रूप से संलिप्त है।
बता दें कि सरकार एक तरफ भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और जिरोटालरेंस की निति पर काम करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी तरफ जनपद के विकास खण्ड ठेकमा में कार्यरत जिम्मेदार अधिकारियों के चलते केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना जमीनी धरातल पर उतरने से पहले ही भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ जा रही है।
