
आवास के आवंटन में दोषी पाए गये थे ठेकमा ब्लाक के छह सरकारी कर्मचारी
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
आजमगढ़।
सरकार भले ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है, लेकिन आजमगढ़ जिले में उस फरमान का कोई असर नहीं दिख रहा। आलम यह है कि सरकारी आवास आवंटन के मामले में दोषी ठेकमा ब्लाक के छह ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इनकी फाइल डीडीओ और डीपीआरओ के यहां दबी पड़ी है। जबकि इनके खिलाफ जांच कर स्वयं परियोजना निदेशक की तरफ से उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गयी है।
बता दें कि ठेकमा ब्लाक के ग्राम सभा राजेपुर- जैतीपुर में आवास आवंटन में अनियमितता बरती गयी थी। गांव के कयी लाभार्थियों को एक के बजाय दो बार आवास के लिए पैसा दे दिया गया।
राजेपुर गांव निवासी मनीष राय द्वारा सत्र 2010 से 2015 के मध्य आवास प्राप्त लाभार्थियों को सत्र 2015 से 2023 के मध्य पुनः लाभान्वित करने की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की गई थी। जिसकीं जाँच के उपरांत परियोजना निदेशक द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी परमानंद पाण्डेय, अरविंद पाठक, अमित सिंह व पटल सहायक विनोद कुमार यादव व इश्तियाक अहमद को दोषी मानते हुये इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की संस्तुति प्रेषित कर दी गई है। पीडी की तरफ से यह रिपोर्ट डीडीओ और डीपीआरओ को भेजा था, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। फाइल दोनों ही दफ्तरों में दबी पड़ी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से चर्चाओं का बाजार गरम है।
शिकायतकर्ता मनीष राय ने बताया कि पात्रता की जाँच करने वाले अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज भी ग्राम सभा में कई पात्र व्यक्ति आवास योजना से वंचित रह गये है।
