दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने लगभग पांच साल बाद शुक्रवार को किसान के पक्ष में एकतरफा फैसला देते हुए प्लांटेशन कंपनी को ब्याज के साथ 2,25,900 रुपये अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक व शारीरिक कष्ट के लिए 50 हजार व वाद खर्च के रूप में 10 हजार रुपये भी अदा करने को कहा है। इस मामले में तीन दिसंबर 2019 को सुनील सिंह चंदेल निवासी ग्राम रूदरी ने उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल किया गया था।

परिवादी का कहना था कि जयशक्ति बायोटेक्नालजी प्रालि. कृष्णापुरम, कानुपर की शाखा हीरापट्टी में है। विपक्षीगण प्लांटेशन कंपनी हैं, जो प्लांटेशन के कार्य करती हैं। हीरापट्टी शाखा के कार्यालय प्रभारी प्रताप नरायन सिंह ने परिवादी के एक एकड़ खेत में बैरीकेटिंग करके यूकेलिप्टस व सागौन का पेड़ लगाने का प्रस्ताव किया और उसके लिए 2,25,000 की मांग की। इस पर सहमत होने के बाद कानपुर हेड आफिस के नाम से 17 अक्टूबर 2017 को 30 हजार व 16 नवंबर 2017 को 1,95,900 रुपये भेजा और जल्द-से-जल्द बैरिकेटिंग कराकर वृक्षारोपण कराने को कहा। 26 नवंबर 2017 को वृक्षारोपण व बैरीकेटिंग करवाने के लिए विपक्षीगण ने परिवादी के खेत की जोताई तथा बैरीकेटिंग के लिए गड्ढा खोदवाया, लेकिन बैरीकेटिंग और वृक्षारोपण नहीं कराया। ऐसे में एक एकड़ खेत लगभग दो वर्षों से बेकार पड़ा हुआ है और लगभग 50,000 रुपये प्रतिवर्ष नुकसान हो रहा है। सितंबर 2019 में विपक्षीगण ने वृक्षारोपण करने व दिए गए रुपये देने से इंकार कर दिया। पर्याप्त अवसर दिए जाने के बाद भीजब विपक्षी कोर्ट में उपस्लिथित नहीं हुए तब उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की गई। आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार, सदस्य गगन कुमार गुप्ता व प्रतिष्ठा वर्मा ने परिवादी के पक्ष में फैसला देते हुए विपक्षी आदेश दिया कि पीड़ित याची को कुल 285000 रुपए तय समय के अंदर अदा करें।

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