
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
शहर से सटे सेखपुरा गांव के रहने वाले कई परिवार बुधवार को कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाए। जिसमें भाजपा विधायक और राज्यपाल के परिवार वालों पर जमीनें कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला तो पेट्रोल छिड़क कर आत्महत्या कर लेंगे। डीएम विशाल भारद्वाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
आजमगढ़ शहर से सटे सेखपुरा गांव से होकर शहर में रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। इसकी वजह से इस गांव में जमीनें महंगी हो गई हैं। इस गांव के रहने वाले कई परिवार वालों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की, मगर कहीं से भी सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि फागू चौहान के बेटे विधायक हैं। वह उनकी जमीन हड़प रहे हैं। पीड़ित परिवार मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्मदाह करने का धमकी दे रहा है।
पीड़ित महिला का कहना है कि राज्यपाल फागू चौहान के परिवार के लोग हम लोगों का रास्ता घेर रहे हैं। गांव में जाने वाला रास्ता 40 साल पहले का है। कह रहे हैं कि हम तुम लोगों को रास्ता नहीं देंगे। हर जगह शिकायत की , मगर कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित रमेश यादव का कहना है कि उनकी साढ़े 18 विस्वा जमीन का एग्रीमेंट करा लिया गया। मेरे पिता कम सुनते हैं। इसका फायदा उठाते हुए राज्यपाल के लड़के बेलास चौहान धमकी दे रहा है कि मैं तुम्हें मरवा दूंगा, मेेेरे नाम से जमीन का बैनामा कर दो। मैं किसी भी कीमत पर उन्हें अपनी जमीन का बैनामा करने के लिए तैयार नहीं हूं। थाने से लेकर कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए मजबूर होकर आज डीएम साहब के यहां गुहार लगाने आए हैं।
पीड़ित श्यामलाल चौहान का कहना है कि मेरी जमीन और चकरोड पर राज्यपाल के परिवार के लोग जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं। चकरोड को भी खोदवा कर फेकवा दिए हैं। मुझ हर हाल में अपना रास्ता चाहिए। अगर न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या कर लूंगा। इसी जगह पर मिट्टी का तेल छिड़क कर जान दे दूंगा।
बता दें कि दबंगई से दूसरे की जमीन कब्जा करने के मामले में मेघालय के निवर्तमान राज्यपाल फागू चौहान के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। बर्षों पूर्व के इस मामले में स्टे आर्डर के बावजूद जमीन पर इन लोगों द्वारा कब्जा करने का आरोप है। इस मामले की अदालत में स%8
