

आशीष तिवारी
आजमगढ़।
बरसात होने की वजह से सभी छोटी बड़ी नदियां उफान पर हैं। हर तरफ पानी से त्राहि त्राहि मची है। आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर निरंतर बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न करने की ओर बढ़ रहा है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए डीएम रविंद्र कुमार और एसपी हेमराज मीना गुरुवार को सगड़ी तहसील के देवरांचल में स्थित घाघरा नदी से प्रभावित होने वाले गांव का हाल, बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से की गयी तैयारियों का हाल जानने के लिए पहुंचे।
दोनों अधिकारी सगड़ी तहसील के चक्की हाजीपुर गांव पहुंचकर हाल जाने। यह गांव घाघरा नदी में बाढ़ आने पर सबसे पहले प्रभावित होता है।

डीएम ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में लगा हुआ है। ग्राम वासियों ने प्रशासन द्वारा की गयी तैयारियों एवं व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त किया। ग्राम वासियों द्वारा जिलाधिकारी को झुके हुए विद्युत पोलों और लटकते हुए तारों एवं प्रापर विद्युत की आपूर्ति आदि समस्याओं के सम्बन्ध में अवगत कराया। जिस पर डीएम ने तत्काल मौके पर उपस्थित विद्युत विभाग के अधिकारी को झुके हुए पोल एवं लटकते हुए तारों को ठीक कराने का निर्देश दिया। डीएम ने ग्राम वासियों से पीएम सूर्य घर योजना के बारे में जानकारी है या नहीं, के बारे में पूछा। ग्राम वासियों द्वारा बताया गया कि इस योजना के बारे में जानकारी नही है। इस पर खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में ग्राम वासियों को जागरूक करते हुए योजना से लाभान्वित करें। उन्होने ग्राम वासियों से कहा कि यह सरकार की बहुत अच्छी योजना है, इस पर अच्छी सब्सिडी दी जाती है, इसका लाभ उठायें। डीएम ने पशुओं का टीकाकरण कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाढ़ क्षेत्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं, साफ-सफाई, स्वच्छता पर ध्यान दें। बाढ़ से प्रभावित होने वाले ग्रामों में एण्टी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग एवं अन्य कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, गांव में दवा का वितरण व पशुओं का टीकाकरण तथा प्रभावित लोगों को सकुशल बाहर निकालने को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि बाढ़ को लेकर व्यवस्था पूरी कर ली गई है, जहां 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय है, वहीं 14 राहत शिविर तथा 17 सुरक्षा समितियां लगायी गयी हैं। उन्होने कहा कि तहसील स्तर पर 324 नांवे हैं, जिन्हें अनुबंध के लिए निर्देशित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि चक्की हाजी में गेज पर 72.2 मीटर तक जल स्तर पहुंचने पर बाढ़ का पानी आ जाता है। सगड़ी तहसील में घाघरा नदी के बाढ़ का डेंजर लेवल 71.68 मीटर है। निरीक्षण के दौरान 71.5 मीटर पानी आ गया है, इस गांव में 60, 70 मीटर पानी आने के बाद खतरा होगा। उन्होने कहा कि संबंधित अधिकारियों को इसके सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है और पूर्व में किये गये निरीक्षण के व्यवस्थाओं के संबंध में पूछताछ की गई है।
यहां के बाद अधिकारीगण राहत शिविर कम्पोजिट विद्यालय हाजीपुर, प्राथमिक विद्यालय टोटहवा, महराजगंज, बाढ़ चौकी नौबरार देवारा जदीद किता-1 तहसील सगड़ी, बाढ़ चाकी दाम महुला आदि का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। उन्होने कहा कि राहत शिविर में बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों को शिफ्ट किया जाएगा, वहां पर आवश्यक व्यवस्थाएं एवं प्रापर ड्यूटी लगायी जाए। उन्होने कहा कि स्कूलों में बने राहत शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए लेखपाल, प्रधान एवं प्रधानाचार्य की ड्यूटी लगायी जाए। उन्होने कहा कि राहत शिविर में महिला एवं पुरूष के रूकने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व गम्भीर सिंह, एसडीएम और सीओ सगड़ी, डीडीओ संजय कुमार सिंह, एक्सीयन सिंचाई, एसीएमओ डॉ. अजीज, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह, खण्ड विकास अधिकारी महराजगंज, खण्ड विकास अधिकारी हरैया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
