
मंडलायुक्त को पत्रक सौंपकर रैदोपुरवासियों ने निजात दिलाने की किए मांग
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
आजमगढ़।
अगर आपके हाथ में किसी तरह का भी आवश्यक थैला हो या आपको रैदोपुर आदि मुहल्लों की गलियों से गुजरना है तो सावधान हो जाए। कभी भी आपके साथ सरेराह अनहोनी की घटना हो सकती है। यह अनहोनी की घटना कोई अपराधी नहीं बल्कि शहर क्षेत्र में आवारा घूमने वाले बंदर घटित कर सकते हैं। अगर आप इनसे उलझे तो यह आपको घायल कर सकते हैं। इस तरह की घटनाएं वर्षो से शहरवासियों के समस्या का सबक बन चुका है। इसी को लेकर बुधवार को महिलाओं और मुहल्लेवासियों ने अपने सभी आवश्यक काम-काज को छोड़कर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंच गए और बंदरों के आंतक की दास्तां मंडलायुक्त के समक्ष रखते हुए इन्हें शहरीय क्षेत्र से बाहर भेजे जाने की मांग किये।
वाकिंग ग्रुप आजमगढ़ के विजय आंनद राय दीपक ने बताया कि शहर के मुहल्ला रैदोपुर मड़या और नगरीय क्षेत्र में बढ़ती बदंरों की संख्या से नगरवासी परेशान हैं। आए दिन वह स्कूल जा रहे कई बच्चों और आती-जाती महिलाओं को घायल करते रहते हैं। इतना ही नहीं बंदरों के भय से सब्जी, दूध, राशन लेकर आना-जाना कठिन हो चुका है। कई महिलाओं को भी काट कर घायल कर चुके हैं। कई बार इन बंदरों को शहर से सुदूर भेजे जाने के लिए नगर पालिका प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन पालिका प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके पूर्व रविवार को महिलाओं ने रैदोपुर में प्रदर्शन भी कर चुकी है। इसी समस्या का पूर्ण निदान हेतु मंडलायुक्त को एक शिकायती पत्र सौंपकर बंदरों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग किया गया है।
पत्रक सौंपने के दौरान जगदम्बा प्रसाद पांडेय, सतीश सिंह, मिथिलेश सिंह, विनय मिश्रा, सारिका कृष्णा, माधुरी देवी, अंजू चौधरी, प्रीति त्रिपाठी, सुषमा पांडेय आदि मौजूद रहे।
