दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाकर जमीन बेचने का झांसा देकर 5 लाख रुपए वसूल लिए जाने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा मोहम्मद अरशद निवासी सीताराम शहर कोतवाली को आरोपी सैयद हसन रजा रिजवी निवासी आलिया कॉलोनी हुसैनाबाद थाना ठाकुरगंज जनपद लखनऊ ने लखनऊ स्थित एक जमीन के पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाए। आरोपी सैयद हसन रिजवी ने वादी मुकदमा मोहम्मद अरशद से कहा कि यह जमीन काफी महंगी है। जिसे हम काफी कम कीमत पर दिला देंगे। इस बात पर यकीन करके मोहम्मद अरशद ने आरोपी सैयद हसन रिजवी को 21 अप्रैल 2025 को पांच लाख रुपए दो गवाहों के सामने एडवांस के तौर पर दे दिया और तय किया गया कि तीन महीने में शेष धनराशि लगभग 10 लाख रुपए देकर के बैनामा करा लिया जाएगा। तीन महीने बीत जाने के बाद भी हसन राजा ने वादी मुकदमा से कोई संपर्क नहीं किया। तब वादी मुकदमा ने जब हसन रजा के बारे जानकारी किया तो तब पता चला कि हसन राजा फ्रॉड किस्म का व्यक्ति है और उसकी दिखाई पावर ऑफ अटॉर्नी भी फर्जी थी। इस मामले में शहर कोतवाली में 4 सितंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी सैयद हसन राजा रिजवी को गिरफ्तार किया। इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो अमर सिंह ने आरोपी सैयद हसन रजा रिजवी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने पैरवी की।

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