

आजमगढ़ में चार लाख से अधिक फाइलें की जा रहीं अपलोड
अभियान चलाकर फाइलों को अपलोड कर रहे सीबीएसएल ग्रुप कंपनी के कर्मचारी
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
दीवानी न्यायालय में मुकदमों से जुड़ी फाइलों को आनलाइन किया जा रहा। इसमें निस्तारित की गयी फाइलें और कोर्ट में लंबित सभी प्रकार की फाइलें शामिल हैं।
आजमगढ़ दीवानी कचहरी की बात करें तो यहां करीब चार लाख से अधिक मुकदमों की फाइलों को कंप्यूटर की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा। इन फाइलों का आसानी से संपूर्ण विवरण भी प्राप्त किया जा सकेगा। इसमें पूर्व में निस्तारित किए गये मुकदमों का भी रिकार्ड शामिल है। इन सभी रिकार्डों को सुरक्षित तरीके से सीबीएमएल ग्रुप कंपनी के करीब 45 कर्मचारी युध्द स्तर पर काम करते हुए कंप्यूटर में अपलोड कर रहे हैं।
सीबीएसएल ग्रुप कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के दीवानी न्यायालय की फाइलों को आनलाइन करने के लिए हमारी कंपनी को ठेका दिया गया है। इसके तहत दीवानी न्यायालय प्रशासन की तरफ से कचहरी परिसर में भवन की सुविधा दी गयी है। वहां पर कर्मचारियों को लगाकर काम करवाया जा रहा है। 22 जनवरी 2024 से आजमगढ़ जिले में काम शुरू किया गया है। अब तक करीब दो हजार के आसपास फाइलें अपलोड की जा चुकी हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि कचहरी की ज्यादातर फाइलें जीर्णशीर्ण हो चुकी हैं। फ्राड करने वाले फाइलों के पन्नों को गायब भी करवा देते हैं। लेकिन आनलाइन कंप्यूटर में फीड हो जाने के बाद कागजात गायब करना आसान नहीं होगा। प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि सभी चार लाख फाइलों को अपलोड करने के लिए दिए गये हैं। इनमें से करीब दो लाख फाइलों में फैसला सुनाया जा सका है। जबकि दो लाख मुकदमे सुनवाई में चल रहे हैं।
आसानी से मिल जाएगें रिकार्डः
दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि मुकदमों से जुड़ी फाइलें आनलाइन हो जाने से आमजन को काफी फायदा होगा। कोई भी धोखे से फाइलों के कागजात नहीं गायब कर सकेगा। अन्यथा मुकदमों से जुड़ी फाइलों के पन्ने गायब हो जाते हैं। इससे कोर्ट की कार्रवाई भी कभी कभी प्रभावित हो जाती है। इसका फायदा अपराधिक तत्वों को मिल जाता है। फाइलें कंप्यूटर में फीड हो जाने पर ऐसा नहीं हो पाएगा।
साल 1918 तक के मौजूद हैं रिकार्डः
दीवानी न्यायालय की तरफ से जिन चार लाख फाइलों को आनलाइन करवाया जा रहा है। उन फाइलों में कई मामले बहुत पुराने हैं। लोगों के मुताबिक यह़ा पर सन 1918 तक के मुकदमों से जुड़ी फाइलों का भी रिकार्ड यहां पर मौजूद है। जिन्हें अब कंप्यूटर में लोड किया जा रहा है।
