आशीष तिवारी

आजमगढ़।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहां गांव में आठ नवंबर 2024 की सुबह दो टाटासूमो गाड़ी में सवार असलहाधारी बदमाश शकील पुत्र शब्बीर को जबरन गाड़ी में भरकर उठा ले गये। परिवार को लोग पूरे दिन गफलत में रहे और शकील की जमानत के लिए वकील से मिलकर कागजात तैयार करवा रहे थे। कागज तो तैयार हो गया, लेकिन देर शाम तक शकील कचहरी नहीं पहुंचा तो सभी लोग सन्न रह गये। दूसरे दिन नौ नवंबर 2024 को फरिहां पुलिस चौकी में शकील के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दिए। पुलिस सच का पता लगाने में जुट गयी है।

फरिहां गांव निवासी शकील के भाई महफूज ने बताया कि घर वाले समझे कि शकील को पुलिस ले गई है, ऐसे में भाई महफूज तत्काल अपने वकील को फोनकर घटना की जानकारी दिया। वकील तत्काल महफूज को कोर्ट में बुला लिया। सभी लोग शकील की जमानत कराने के लिए दिन भर कागजी कार्रवाई करते रहे। लेकिन शकील कोर्ट नहीं पहुंचा। इसके बाद लोग शकील के विषय में पुलिस और विभागिय अधिकारियों से संपर्क किए, लेकिन किसी ने भी जानकारी नहीं दिया। ऐसे में परिवार के लोग सकते में आ गये।

शनिवार को 24 घंटा बीत जाने के बाद भी जब शकील के विषय में कोई जानकारी नहीं हुई, तो उसके छोटे भाई महफूज ने चौकी प्रभारी फरिहां को लिखित तहरीर दिया है कि अज्ञात असलहाधारियों ने मेरे भाई को अगवा कर ले गए हैं। चौकी प्रभारी फरिहां अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है। जिसके आधार पर विधिक कार्यवाही करने को कहा गया है। उधर इस घटना से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्योंकि पीड़ित युवक अभी बीस दिन पहले बलात्कार के मामले 12 साल बाद जेल से छूटा था। वह अपने घर में सोया हुआ था, तभी दो कार में सवार असलहाधारी पहुंचे और शकील को घर से जबरन अपने साथ उठा ले गये। उधर इस बात की भी चर्चा है कि जिस बलात्कार के मामले में शकील जेल में था। उसी मामले को लेकर वर्षों पहले दो दिग्गज राजनितिज्ञों के बीच जमकर गोलीबारी हुई थी। ऐसे में शकील के गायब होने से लोग तरह तरह की अटकलें लगा रहे। पुलिस सभी पहलुओं पर गौर करते हुए जांच कर शकील का पता लगाने में जुट गयी है।

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