
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मुखलिशपुर गांव स्थित ननिहाल में आए चार वर्षीय बालक प्रियांशू काफी प्रयास के बाद मिल गया। इसमें समाजसेवी उमेश उपाध्याय की मेहनत रंग लाई।
थाने में तहरीर देने वाली नीलम उर्फ़ लीला पत्नी विनोद ग्राम टखानपुर फत्ते थाना अतरौलिया आजमगढ़ की रहने वाली है। जिनका मायका मुखलिशपुर थाना कप्तानगंज में है। दिनांक 26/10/25 को अपने घर खानपुरफत्ते से अपने 4 बच्चों क्रमशः दिव्यांश शिवांश प्रियांश तथा लड़की प्रियांशी के साथ आयी थीं। दिनांक 27/10/25 को आवेदिका दरवाजे पर दिन में लगभग 10 बजे सुबह अपनी बच्ची प्रियांशी उम्र 2 माह को लेकर बैठी थी। उसी समय उनका लड़का प्रियांशु उम्र लगभग 4 वर्ष का है, घर के सामने ही सड़क है, सड़क पकड़कर कहीं चला गया। आवेदिका /बच्चे की माँ सोची की जा रहा है वापस आ जायेगा, लेकिन काफ़ी समय बीत जाने के बाद बच्चा वापस नहीं आया। तो घर वाले खोजने लगे तथा काफ़ी खोजने के बाद नहीं मिला तो पुलिस को सुचना दिए। जिस पर मय थानाध्यक्ष मय फाॅर्स के साथ ग्राम मुखलिशपुर पहुंचे। जहाँ परिवारजनों का रोते रोते बुरा हाल था।
समाजसेवी उमेश उपाध्याय के विशेष सहयोग से सोशल मिडिया के माध्यम से ग्राम तमरुआ में डॉ0 बालेश्वर निषाद के घर पर बच्चा घूमते घूमते चला गया था। डॉ. बालेश्वर निषाद व उनके परिजनों द्वारा सोशल मिडिया के माध्यम से बच्चे के परिजनों का पता लगाने का लगातार प्रयास किया जा रहा था। गुमशुदा बच्चा प्रियांशु को प्राप्त कर बच्चे के परिजनों को भारी संख्या उपस्थित हुए। ग्रामवसियों के समक्ष सकुशल सुपुर्द कर दिया गया।
