
फाइलों में लगा दे रहे हैं प्रतिवादी और अधिवक्ता का फर्जी हस्ताक्षर का वकालतनामा
लाखों रुपये लेकर वादी को पहुंचा दे रहे हैं लाभ
अधिवक्ताओं और तहसील के अधिकारी कर्मचारियों की मिली भगत से खेला जा रहा खेल
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
जैसे जैसे कलयुग बढ़ रहा है, वैसे वैसे विस्वासघात जैसे मामले सुर्खियों में आ रहे हैं। कुछ इसी तरह का खेल इन दिनों न्यायालयों में खेला जा रहा है।
आलम यह है कि तहसीलों में जमीन संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में वाद दाखिल किए हैं। इस तरह के हजारो मामले कोर्ट में लंबित है। इन्हीं फाइलों में से लालगंज तहसील के अलग अलग कोर्ट में दाखिल करीब दो दर्जन से अधिक फाइलों में प्रतिवादी और अधिवक्ता का फर्जी हस्ताक्षर वाला वकालतनामा लगाकर फैसले पर सहमति जता दी जा रही है। इस प्रकार से करोडों की जमीन का फर्जीवाड़ा करा दिया है। जबकि इस बात की जानकारी न तो प्रतिवादी को है, न ही जिस अधिवक्ता का हस्ताक्षर बनाया गया है, उसे ही पता है। उधर मुकदमा में हार से बौखलाया विपक्ष जब तहसील पहुंचता है तो उसे जानकारी होती है। अकेले लालगंज तहसील में इस प्रकार के दो दर्जन से अधिक मामले उजागर हो चुके हैं। जबकि अन्य मामलों का पता लगाया जा रहा है। इस प्रकार का खेल जिले और प्रदेश के अन्य तहसीलों में खेला जा रहा है। इस खेल को खेलने वाले फाइलों में गोलमाल करके जीत दिलाने का ठेका लेने वाले इसके बदले में अच्छीखासी रकम लेते हैं।
