
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
आजमगढ़।
आप के पुर्वांचल प्रांत प्रभारी अनुराग मिश्र एवं प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में समीक्षा अधिकारी परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
प्रांत प्रभारी अनुराग मिश्र ने कहा कि योगी सरकार में जितनी परीक्षा हो रही है सभी के पेपर लीक हो जा रहे हैं। आखिर कहा गया कि इनका लॉ एंड ऑर्डर अगर सही है तो कही योगी सरकार जानबूझ कर युवाओं के साथ खिलवाड़ तो नही कर रही है। जो सरकार 48 लाख बच्चों की परीक्षा सही सलामत नहीं करा पा रही हो, वह सरकार देश के सबसे बड़े प्रदेश जिसकी आबादी 24 करोड़ है उसको कहा से संभाल सकती है।
प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि जिस प्रकार से आए दिन परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। उस लिहाज से योगी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है, जो सरकार बच्चों की सामान्य परीक्षा नहीं करा पा रही हो वो सरकार बड़े काम क्या कर पाएगी। सभी परीक्षाओं की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जॉच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर करवाही की जाए।
आप देख रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकार लॉ एंड ऑर्डर के मसले पर पूरी तरह से फेलियर है और यह जो पेपर लीक प्रकरण आ रहा है यह तो मतलब इसको अगर मैं कहूं कि अति हो गई है तो गलत ना होगा। पूरे देश में जो बेरोजगारी की हालात है वह किसी से छिपी नहीं है। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में तमाम वैकेंसी खाली पड़ी हुई है। किसी विभाग में भर्ती नहीं हो रही है और जो भर्तियां निकाली गई उनके पेपर लीक हो गए। पूरे प्रदेश के युवा लोक सेवा आयोग के चारों पांचो गेट पर धरनारत हैं। पुलिस वहां पर पहुंचकर उन्हें जबरदस्ती उठा उठाकर जेल में डाल रही है। मुख्यमंत्री को यह बात समझ में नहीं आ रही है कि इधर परीक्षाओं के पेपर लीक हो गया, तो आपने अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि किसी को बक्सा नहीं जाएगा। यह सरकार लीकेज सरकार है। सरकार लीकेज को बंद करने की हालत में नहीं है। इन्हें काम करना आता ही नहीं है। इनको काम सीखना चाहिए। हमारे बगल के पड़ोसी बिहार राज्य में सफलतापूर्वक उत्तर प्रदेश के तमाम नौजवान आज वहां पर शिक्षक हुए हैं।
इस कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष रविन्द्र यादव, गुड्डू पासी, सूर्यबली, दीनबंधु गुप्ता, सतीश यादव, मो. नुरुज्ज्मा, संजय यादव, शरद चंद राघव, संतोष कुमार सिंह, राजन सिंह, रमेशचंद्र मौर्य, अनिल यादव, प्रद्युमन सिंह, राम सतन पटेल, विशेष मौर्य, एम.पी. यादव, उमेश यादव, बाबूराम यादव, इंद्रमणि यादव, महेंद्र यादव, मनोज कुमार यादव, अभिलाष राय, रामरूप यादव आदि साथी उपस्थित रहे।
