दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
नौ वर्षीया दलित बालिका छेड़खानी के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा तीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। यह फैसला पोक्सो कोर्ट की जज शैलजा राठी ने शुक्रवार को सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार पवई थाना क्षेत्र के भरकचिया गांव में हरिनाथ पांडेय आटा चक्की चलाता था। 12 मार्च 2015 को दिन में लगभग 3:30 बजे पीड़िता अपने भाई के साथ गेहूं पिसवाने हरिनाथ पांडेय की आटा चक्की पर गई।हरिनाथ ने पीड़िता के भाई से कहा कि तुम बाहर साइकिल के पास रहो। हरिनाथ बहाने से पीड़िता को अंदर बुलाकर उसके साथ छेड़खानी करने लगा। पीड़िता चिल्लाकर रोते हुए वहां से घर गई। जब बच्ची ने अपने माता से आटाचक्की पर हुई घटना के बारे में बताया तो पीड़िता की मां हरिनाथ के आटा चक्की पर उलाहना देने गई तो हरिनाथ ने पीड़िता की मां को जाति सूचक गालियां दी।पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा तथा दौलत यादव ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी हरिनाथ पांडेय को तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा तीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

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