आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस की बकरी चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन और बकरी बेचने से प्राप्त 1,560 रुपये बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने सिधारी क्षेत्र की दो और जीयनपुर क्षेत्र की एक बकरी चोरी की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया है।

 

पुलिस के अनुसार, रविवार को प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान शाहगढ़ चौराहे पर सूचना मिली कि बकरी चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य मोटरसाइकिल से समेंदा की ओर से शाहगढ़ की तरफ आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी की।

 

कुछ देर बाद मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया और बाइक गिर गई। पुलिस के मुताबिक, चालक ने अपने साथी आसिफ को पुलिस टीम पर गोली चलाने के लिए कहा और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद दोबारा फायर करने का प्रयास करने पर पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी।

 

घायल आरोपी की पहचान आसिफ पुत्र हसीब निवासी अशरफपुर, थाना जीयनपुर, आजमगढ़, उम्र करीब 30 वर्ष के रूप में हुई। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा।

 

तीन बकरी चोरी की घटनाओं का खुलासा

पूछताछ में आसिफ ने बताया कि वह कलीम पुत्र इस्लाम निवासी शाहपुर, थाना जीयनपुर और अन्य साथियों के साथ मिलकर बकरी चोरी करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 29 सितंबर को सिधारी क्षेत्र के दौलतपुर से दो बकरियां, 20 सितंबर को समेंदा से एक बकरी तथा 16 सितंबर को जीयनपुर क्षेत्र के बैरियाडिह से तीन बकरियां चोरी करने की बात स्वीकार की।

 

पुलिस ने बताया कि समेंदा से चोरी की गई बकरी बेचने के बाद आसिफ के हिस्से में आए 1,560 रुपये भी उसके पास से बरामद हुए हैं।

 

कलीम बताया गया गिरोह का मुख्य सदस्य

पूछताछ में आसिफ ने कलीम को गिरोह का मुख्य व्यक्ति बताया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले बकरियों और उनके मालिकों की गतिविधियों की रेकी करते थे और मौका देखकर बकरियां चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद बकरियों को बेचकर रकम आपस में बांट ली जाती थी। रेकी और आवागमन के लिए वाहन तथा जरूरत के अनुसार ऑटो का इस्तेमाल किया जाता था।

मुठभेड़ के दौरान कलीम मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

 

छह मुकदमे दर्ज

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आसिफ के विरुद्ध कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, बरामदगी, धोखाधड़ी, हथियार अधिनियम और हाल में दर्ज बकरी चोरी व पुलिस मुठभेड़ से संबंधित मुकदमे शामिल हैं।

 

वहीं, फरार कलीम के विरुद्ध पुलिस रिकॉर्ड में 38 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, पशु क्रूरता, गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।

 

पुलिस ने मौके से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक मिसफायर कारतूस, 1,560 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया है। वाहन को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।

 

पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। बरामदगी की कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई।

 

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक रंजन कुमार साव, उपनिरीक्षक बालेन्द्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक शिवम द्विवेदी सहित सिधारी थाने की पुलिस टीम शामिल रही।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *