

थाने में केस दर्ज होने के बावजूद अभी तक नहीं पकड़े जा सके आरोपी
जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से घर में घूसकर किए थे हमला
पिता पुत्र को लहूलुहान करके अधमरा किए थे और तड़पता छोड़े गये थे
आजमगढ़।
पुलिस की छवि सुधारने के लिए पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य भले ही दिन रात एक किए हैं। लेकिन उनके मातहतों की थोड़ी सी लापरवाही की वजह से सब मेहनत व्यर्थ हो जा रही है। ऐसा ही एक गंभीर मामला गंभीरपुर थाना क्षेत्र में उजागर हुआ। जहां मनबढ़ों की हरकत से वृद्ध देवनाथ तड़प तड़प कर अस्पताल में जान दे दिया। वहीं परिवार के लोग अभी भी दंश झेल रहे हैं। इस मामले को लेकर पुलिस की किरकिरी हो रही है।
यह रहा पुरा मामलाः
गंभीरपुर थाने के तियरी गांव निवासी
देवनाथ चौहान पुत्र चिल्लर उम्र लगभग 70 साल 18 अगस्त को भोजन कर परिवार के साथ सोया हुआ था। रात करीब 11:00 बजे गांव के यादव बस्ती के पांच से छह मनबढ़ किस्म के लोग घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिए और मारपीटकर देवनाथ चौहान और उसके बेटे प्रमोद चौहान को गंभीर रूप से घायल कर दिए। खून से लतपथ पिता पुत्र जमीन पर पड़े थे। बदमाशों के जाने के बाद लोग हिम्मत जुटा पाए और घायल पिता पुत्र को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। 19 अगस्त को चार लोगों के विरुद्ध गंभीरपुर थाने में केस दर्ज कराई गयी। जिसका अपराध संख्या 281/ 2023 धारा 323, 504, 506 व 308 है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। जबकि 5 सितंबर 2023 समय लगभग 7:00 बजे शाम को इलाज के दौरान मंडली चिकित्सालय आजमगढ़ में घायल वृद्ध देवनाथ चौहान की मृत्यु हो गई है।
देवनाथ चौहान की मौत के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गरम हो गया। लोग गंभीरपुर थाने की पुलिस के कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने लगे। क्योंकि देवनाथ के मामले में जिन लोगों को आरोपित किया गया है। उसमें धर्मेंद्र यादव पेशेवर अपराधी है। वह जल्द ही जेल से छूटकर आया हुआ है। लोगों के मुताबिक धर्मेंद्र आदि अक्सर गांव में किसी न किसी को उसके घर चढ़कर पीट देते हैं। जिसकी वजह से इनके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता। देवनाथ की मौत और पुलिस की लापरवाही से नाराज लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग किए हैं।
