दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
जिले में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। अब निर्वाचन विभाग बड़े स्तर पर मतदाता सूची के सुधार में लगा हुआ है। इसके तहत जिले के 5 लाख 66 हजार 619 मतदाताओं के नाम, मतदाता सूची से हटाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा, 1 लाख 57 हजार से अधिक ऐसे मतदाता भी चिन्हित किए गए हैं जिनका रिकॉर्ड 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खाते हैं। ऐसे में इन मतदाताओं को जिला प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी कर साक्ष्य मांगे जाएंगे।
SIR प्रक्रिया के दौरान 26 दिसंबर तक हुई जांच में जिले के सभी मतदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी की जांच में लाखों मतदाता अपात्र पाए गए हैं। वो अब मतदान नहीं कर पाएंगे। इन हटाए जाने वाले नाम में 1 लाख 02 हजार 383 मतदाता की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 2 लाख 63 हजार 697 मतदाता अन्य जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि 1 लाख 23 हजार 992 मतदाता इस प्रक्रिया के दौरान लंबे समय से अनुपस्थित पाए गए हैं। इसमें सबसे खास बात यह है कि जनपद में 47,893 ऐसे मतदाता भी पाए गए हैं जिनका नाम दो जगह की मतदाता सूची में शामिल है।
बता दें कि जनपद में कुल 37 लाख 14258 मतदाताओं में से अब तक 31 लाख 47 हजार 650 की मैपिंग सफलतापूर्वक की जा चुकी है। हालांकि, 1 लाख 57 हजार 762 मतदाता ऐसे भी मिले हैं। जिनका मिलान 2003 की मूल मतदाता सूची से नहीं हो सका है। ऐसे में इन वोटरों को अब जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा जिन्हें अपनी नागरिकता और मताधिकार साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेजों को प्रस्तुत करना होगा।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी आजमगढ़ राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि जिन मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है। उन्हें अपनी पहचान और पते की पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्धारित 12 विकल्पों में से किसी एक साक्ष्य को तहसील में जमा करना अनिवार्य होगा। इनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, सरकारी/अर्द्ध सरकारी कार्यालय का आईडी कार्ड, शिक्षण संस्थाओं का पहचान पत्र, बिजली/पानी/टेलीफोन का बिल, बैंक या डाकघर का पासबुक, राशन कार्ड, किराएदारी का अनुबंध पत्र, आवास आवंटन पत्र, गैस कनेक्शन की रसीद या पासबुक आदि शामिल है।

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