दैनिक भारत न्यूज

लखनऊ।

कानपुर जिले के सदर तहसील के तहसीलदार न्यायिक कैलाश यादव की कोर्ट में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर पैसा लेते एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कोर्ट में तैनात एक कर्मचारी कुर्सी पर बैठकर एक व्यक्ति से फाइल के साथ सीट के नीचे रुपए लेते नजर आ रहा है। नोट गिनकर अपनी जेब में डालता हुआ वीडियो में दिखाई दे रहा है। फिलहाल मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है।
तहसील में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि अजय करीब 15 वर्षों से तहसीलदार न्यायिक की कोर्ट में काम करता है। ये व्यक्ति पूरी तरह से प्राइवेट है। कागजी लिखापढ़ी में इसका कहीं नाम नहीं है। ये कार्यालय में फाइलों के रखरखाव से लेकर कई मामलों के निस्तारण में पैसे की वसूली करता है। वहीं लोगों ने बताया कि इसके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले तहसीलदार न्यायिक भी विवादों में रह चुके हैं। पूर्व डीएम राकेश सिंह उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति भी कर चुके हैं। लेकिन डीएम के जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
बता दें कि शासन द्वारा किसी भी प्राइवेट कर्मचारी को सरकारी दफ्तर में काम करने पर रोक लगाई गयी है। इसकी सभी अफसरों से एनओसी भी ली जा चुकी है। इसके बावजूद तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट और अफसरों की कोर्टों में खुलेआम प्राइवेट कर्मचारी काम कर रहे हैं। अफसरों की गाड़ी चलाने से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्राइवेट कर्मचारी उठा रहे हैं। लोगों की नजर अब डीएम द्वारा बैठाई गयी जांच पर टीकी हुई है।

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