दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
पंचायत सहायकों ने अपने-अपने कार्यों का बहिष्कार करके विकास खंड कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। पंचायत सहायकों का कहना था कि सरकार ने लेखपालों के कार्य को हम पंचायत सहायकों के जिम्मे लगाकर हम लोगों के साथ शोषण करने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि काफ़ी संख्या में महिलाएं पंचायत सहायक के रूप में कार्यरत हैं। ₹6000 के अल्प मानदेय में पूर्व में हमसे आयुष्मान कार्ड जैसे कार्य कराया गया, लेकिन उसका हम लोगोन को कोई अलग से कुछ नहीं दिया गया। हमारे पास ना ही कोई बीमा है और ना हम सरकारी कर्मचारी हैं। संविदा कर्मचारियों को सहायक के रूप में इतना प्रताड़ना देना अच्छी बात नहीं है। महिला पंचायत सहायकों को सर्वे करने में काफ़ी असुविधा हो रही है। कोई भी उच्च अधिकारी या सरकार दूसरे विभागों का कार्य पंचायत सहायकों से करवाया जाता है। चाहे वह स्वास्थ्य विभाग का कार्य हो, चाहे कृषि विभाग का कार्य हो, स्वास्थ्य विभाग के कार्य को पंचायत सहायकों ने सैकड़ो आयुष्मान कार्ड बनवाएं और कहा गया था उन्हें ₹5 प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। लेकिन किसी भी पंचायत सहायक को ₹1 भी प्रोत्साहन राशि नहीं मिला।
चुनाव में महीना भर जिलों पर ड्यूटी करवाया गया, लेकिन एक भी रुपए उसका अलग से भुगतान या मानदेय नहीं दिया गया।
अकुशल श्रमिकों का मानदेय जो एक दिन का नरेगा मजदूरी के मानदेय 253 रुपए हैं और पंचायत सहायकों का एक दिन का मानदेय कम से कम ₹200 आ रहा है। यह ग्राम पंचायत के टॉपर पंचायत सहायक आज बंधुआ मजदूर बनकर रह गए हैं। कार्य के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा प्रेशर बनाया जाता है। लेकिन मानदेय के लिए नहीं। कई पंचायत सहायकों का महिनों से ऊपर का मानदेय रुका हुआ है। इस अवसर पर अध्यक्ष समर यादव, महामंत्री शुभम श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष गौरव सिंह, धर्मेंद्र यादव, मनीश कुमार, संदीप यादव, नीलम यादव, अलका चौहान, खुशबू, सरिता, पूनम, रहमत खान व समस्त पंचायत सहायक उपस्थित रहे।

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