आशीष तिवारी

आजमगढ़।
यह जिले का भाग्य है कि रविंद्र कुमार जैसा डीएम मिला है। यह बात हम नहीं बल्कि आजमगढ़ जिले की जनता कह रही, जिसकी नजर में अब धीरे-धीरे जनपद की व्यवस्थाओं में सुधार नजर आ रहा है। जिलाधिकारी के कड़ी मेहनत का परिणाम है कि जनपद की रैकिंग में सुधार होने लगा है। ऐसे में कुछ विभागिय अधिकारी अब डीएम की छवि धुमिल करने की फिराक में साजिश रचने लगे हैं।
पूर्व के कुछ जिलाधिकारियों के कार्यकाल पर गौर फरमाएं तो किसी को आफिस टू आफिस का काम पसंद था, तो किसी को एयरकंडीशन से बाहर निकलने में परेशानी हो रही थी, लेकिन ऐतिहासिक आईएएस अधिकारी रविंद्र कुमार ने चार्ज संभालने के साथ ही गांव गांव भ्रमण करके खामियां सुधारने में जुट गये हैं, जिसका आमजन को लाभ मिलना शुरू हो गया है। व्यवस्थाओं के सुधार के क्रम में ही डीएम ने तमाम राजस्वकर्मियों का ट्रांसफर कर दिया, जो काफी दिनों से एक ही स्थान पर कुंडली मारकर बैठे हुए थे। इस प्रकार के कर्मचारी डीएम को कोस ही रहे थे, कि 13 जून से नया बखेड़ा खड़ा हो गया है।
बता दें कि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अरुण सचदेव ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार पर डंडों से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। अरुण सचदेव के अनुसार, 13 जून 2025 की शाम डीएम ने उन्हें कैंप कार्यालय में बुलवाया। वहां पहुंचने से पहले उनके स्टेनो ने उनका मोबाइल जमा करवा लिया। डीएम ने उन्हें अपमानित करते हुए कहा, तुम अपने आप को हीरो समझते हो, तुमसे बड़ा हीरो मैं हूं। तुम उप जिलाधिकारी को लेटर लिखोगे, तुम्हें तो मारना चाहिए। इसके बाद डीएम ने कथित तौर पर हाथ उठाया और दो-तीन डंडा उन्हे मारा। इसके बाद कार्यालय से बाहर निकाल दिया। सचदेव ने इस मामले की शिकायत मुख्य अभियंता और लखनऊ में विभागाध्यक्ष से की है।
इस संबंध में डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि मुझे जिले की दुर्व्यवस्थाओं को दुरूस्त कराते हुए विकास के पथ पर ले जाने के लिए भेजा गया है, मैं अपना कार्य जिम्मेदारी से कर रहा ह़ूं, कमियां उजागर होने पर आरोप लगाए जा रहे हैं। डीएम ने कहा विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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