
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 97192 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इससे पूर्व जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने हाल ऑफ जस्टिस में देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित करके लोक अदालत की विधिवत शुरुआत की। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, वादकारियों को संबोधित करते हुए जिला जज ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए उपलब्ध एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है। लोक अदालत में दिया गया फैसला सुलह समझौते के आधार पर होता है।जिससे पक्षकारों के आपसी मतभेद भी हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकित वर्मा ने बताया कि इस लोक अदालत में खास बात यह रही कि उन्नीस दंपतियों ने आपसी मतभेद खत्म कर एक बार फिर से साथ रहना स्वीकार किया। इस लोक अदालत में जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने दो मुकदमा निस्तारित किया। प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश अहसानुल्लाह खान ने 37 मुकदमा, पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो संदीपा यादव ने 40 मुकदमा तथा पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक प्रेम शंकर ने 50 मुकदमो का निस्तारण किया। अपर जिला जज अजय कुमार शाही ने 01 मुकदमा, एससी एसटी कोर्ट के जज कमलापति ने 08 मुकदमा, अपर जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने 02 मुकदमा , विशेष न्यायाधीश अपर जिला जज विजय कुमार वर्मा ने 102 मुकदमा, अपर जिला जज संतोष कुमार यादव ने 08 मुकदमा, फॉस्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक, जैनुद्दीन अंसारी ने 31 मुकदमा, फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो अमर सिंह ने 03 मुकदमा निस्तारित किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने 5004 मुकदमा तथा सिविल जज सीनियर डिवीजन अनुपम कुमार त्रिपाठी ने कुल 67 मुकदमों का निस्तारण किया। एसीजेएम कोर्ट नंबर 13 कुंवर रोहित आनंद ने 1212 मुकदमों को निस्तारित किया। सिविल जज सी डि फॉस्ट ट्रैक कोर्ट अतुल पाल ने 2602 मुकदमों का निस्तारण किया।
