
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
अपने निजी स्वार्थ के चक्कर में कंधरापुर थाने के गयासपुर गांव निवासी विजय प्रताप निषाद ने अपने सात वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या कर दिया। इसका इल्जाम रूठकर मायके गयी पत्नी और उसके भाई पर लगा रहा था। पुलिस की जांच में राज से पर्दा उठ गया और पुलिस हत्यारोपी विजय प्रताप निषाद सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर ली। इनकी निशानदेही पर आलाकत्ल गमछा बरामद कर लिया गया। सभी आरोपी जेल भेजवा दिए गये।
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के मुताबिक कंधरापुर थाना क्षेत्र के गयासपुर गांव निवासी विजय प्रताप निषाद ने 11 मार्च 2025 को कंधरापुर थाने पर सूचना दिया कि मेरी बेटी प्रीती (7) शाम करीब 15.30 बजे घर से तालीपुर बासुदेव की दुकान से सुर्ती लेने गयी, लेकिन वापस नहीं लौटी। दूसरे दिन 12 मार्च 2025 को सुबह करीब 08.00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि थाना कन्धरापुर क्षेत्र के ग्राम गयासपुर स्थित सरसो के खेत में नाबालिक लड़की का शव पड़ा है। शव की पहचान प्रीति के रुप में हुई। जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि प्रीति की हत्या उसके पिता विजय प्रताप निषाद पुत्र स्व0 मनदेव निषाद ने किया। जबकि उसके परम मित्र जनई यादव और रिश्तेदार अहरौला थाना क्षेत्र के बहेरा गांव निवासी सेवक निषाद ने सहयोग किया। पुलिस तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ली। इनकी निशानदेही पर वह गमछा बरामद कर लिया गया। जिससे निर्मम पिता ने मासूम बेटी का गला घोंटा था।
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बार बार फोन के बावजूद नहीं आ रही थी पत्नी
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बताया कि हत्यारोपी विजय प्रताप निषाद की पत्नी रूठ कर मायके चली गयी है। वह जाते समय एक बच्चा ले गयी है। जबकि प्रीति पिता के साथ थी। विजय प्रताप अपनी पत्नी को घर आने के लिए बार बार फोन किया, लेकिन वह आने को तैयार नहीं हुई। ऐसे में विजय अपनी पत्नी और उसके भाई को फंसाने के लिए दोस्त और रिश्तेदार के साथ मिलकर साजिश रचा और योजनाबद्ध तरीके से बेटी की निर्मम हत्या कर दिया।
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने इस घटना के सफल अनावरण के लिए प्रभारी निरीक्षक कंधरापुर केके गुप्ता और उनकी टीम को शाबाशी दिया है।
