
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
जिले में 219 मदरसे हवा में चल रहे थे। फर्जी तरीके से संचालित इन मदरसों के खिलाफ चल रही जांच पूरी होने के बाद इनके खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। इनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए संबंधित थानों में ईओडब्ल्यू के निरीक्षक द्वारा तहरीर दे दी गयी है। अब तक अलग अलग थानों में कुल 11 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, शेष थानों में केस दर्ज करने की प्रक्रिया चालू है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि ईओडब्ल्यू के निरीक्षक कुंवर ब्रम्ह प्रकाश सिंह की तहरीर पर 6 फरवरी 2025 को कंधरापुर थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें मदरसा के प्रबंधक रुमाना बानो पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी ग्रामीण के मुताबिक मदरसा पोर्टल ऑनलाइन फीडिंग में 313 मदरसे मानक के अनुरूप नहीं थे। इस मामले में जब एसआईटी ने जांच की तो 219 मदरसों का अस्तित्व ही नहीं था। यह सभी हवा में चलता पाए गये। वहीं कई जगहों पर मदरसों की जगह पर दूसरे विद्यालय का संचालन होता मिला। वर्ष 2009-10 में बिना भौतिक सत्यापन के कई मदरसों को मान्यता और अनुदान देने का मामला सामने आया था। 2017 में इस बात की शिकायत सरकार से की गई थी। 2017 में हुई जांच में 387 मदरसे वैध मिले। जबकि 313 मदरसों में गड़बड़ियां पाई गई थी। इसके बाद इस पूरे मामले की जांच शासन ने एसआईटी गठित करके टीम को दे दिया। 2022 में शासन को सौंपी रिपोर्ट में एसआईटी ने बताया था कि 219 मदरसे ऐसे हैं जो अस्तित्व विहीन थे। इन मदरसे के संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का शासन ने निर्देश दिया था। लेकिन अब तक इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। शासन के निर्देश पर अब इन मदरसों के खिलाफ एफआई दर्ज होनी शुरू हो गई है। सभी थानों में एफआईआर की कापी पहुंच गई है। किसी थाने को 50 कापी तो किसी थाने को 20 कापी की तहरीर मुकदमा दर्ज करने के लिए भेजी गई है। इस मामले में छह फरवरी को पहला मुकदमा कंधरापुर थाने में दर्ज हुआ था। वहीं आठ फरवरी को कुल आठ मुकदमे दर्ज हुए। जिसमें रौनापार थाना में तीन मुकदमे, सिधारी थाना में चार मुकदमे और बिलरियागंज थाना में एक मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि जनवरी 2023 में शासन द्वारा एक जांच एसआईटी से कराई गई थी। इसमें जिले के कई मदरसे जो पोर्टल पर दर्ज थे। उनमें से 219 मदरसे अस्तित्वविहीन पाए गए। इनके द्वारा फर्जी तरीके से सरकारी अनुदान लेकर उसका उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद शासन की ओर से इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया। इस पर ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर ब्रम्ह प्रकाश सिंह ने थानों में तहरीर दे दी है। 11 मुकदमे दर्ज हुए हैं और अन्य दर्ज किए जा रहे हैं।
