आशीष तिवारी

आजमगढ़।
शहर कोतवाली के ठीक सामने बड़ा गणेश मंदिर के पास बुधवार को दिन दहाड़े हुई 3.92 लाख रुपये की लूट की घटना का पुलिस ने चंद मिनट में खुलासा कर दी। पीड़ित ने अपनी बहन के रुपये हजम करने के लिए यह झूठी कहानी रचा था। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने पुलिस को गुमराह करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
शहर के कटरा मुहल्ला निवासी चंदन अग्रवाल आनलाइन ट्रेडिंग करता है। इसकी वजह से उसके काफी रुपये डूब चुके हैं। वह काफी परेशान रहता था। इसीबीच तीन दिसंबर 2024 को चंदन की बहन ने आनलाइन अपने खाते में रुपये भेजने के लिए चंदन अग्रवाल को तीन लाख रुपये दी थी, जिसे चंदन अग्रवाल ने खर्च कर दिया। वह बहन के खाते में रुपये नहीं भेज पाया। जबकि बहन बार-बार रुपये के विषय में पूछ रही थी। परेशान चंदन अग्रवाल ने योजनाबद्ध तरीके से बुधवार को शहर कोतवाली के ठीक सामने स्थित बड़ा गणेश मंदिर के पास पहुंचा और डायल 112 पर फोन करके पुलिस कंट्रोल रुम में बाइक सवार बदमाशों द्वारा 3.92 लाख रुपये की लूट होने की सूचना दिया। चंदन ने बताया कि रुपये लेकर वह बैंक में जमा करने जा रहा था। शहर कोतवाली पुलिस केस दर्ज करके मामले की जांच पड़ताल में जुट गयी।
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के मुताबिक दिन दहाड़े हुई लूट के खुलासे के लिए शहर कोतवाल शशिमौली पांडेय और उनकी टीम को लगाया गया। पुलिस बदमाशों की पहचान के लिए सीसीटीवी खंगालने लगी। इस दौरान पुलिस को कोई खास सफलता न मिलने पर चंदन अग्रवाल से पूछताछ करने लगी। इस दौरान चंदन ने सारा सच बयां कर दिया।
चंदन अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह आनलाइन ट्रेडिंग करता है । जिसमें लगातार रूपया हारता जा रहा था। जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। पैसे का नुकसान होने व उसको मैनेज न कर पाने के कारण मैने लूट की घटना की योजना बनायी थी और उसी योजना के आधार पर कार्य करते हुए घटनास्थल पर जाकर मैने फोन करके अपने मित्रों व 112 नम्बर पर काल किया था। लगातार ट्रेडिंग में हो रहे नुकसान के कारण मैं मानिसक रूप से परेशान चल रहा था। इसी कारण पैसे को मैनेज करने के लिए मैने दिनांक 18 दिसंबर 2024 को लूट की गलत सूचना दी थी। मेरे पास कोई रूपया नहीं था और मैं कोई रूपया लेकर घर से नहीं निकला था। मेरे साथ कोई लूट की घटना नहीं हुई थी।

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