दैनिक भारत न्यूज

वाराणसी।
गुरुवार को वाराणसी के लमही गांव में मुस्लिम महिलाओं ने मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्री राम की उर्दू में गाकर आरती उतारीं। यह आरती उर्दू भाषा में लिखी गयी है। विशाल भारत संस्थान के कार्यालय में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की सदस्यों ने इस उर्दू में लिखी गयी श्री राम आरती को गाईं। इस दौरान महिलाओं ने भेदभाव खत्म करने का संदेश दिया।
पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास के मुताबिक हर पंथ और मजहब अपने सिद्धांतों और नियमों में इतने कड़े हैं कि मानवता का पाठ ही भूल गए। प्रत्येक देश को अपने यहां श्री राम के महान आदर्शों को अपनाकर शांति स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। इजराइल और फिलिस्तीन दोनों को भगवान श्रीराम के रास्ते पर चलना चाहिए। यदि भारत का मुसलमान सबके बीच में प्रिय होना चाहता है, तो अपने घरों में राम के चरित्र की शिक्षा दे।
फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं वर्ष 2006 से भगवान श्रीराम की आरती कर सांप्रदायिक एकता और सौहार्द्र का संदेश देती आ रही हैं। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजीव ने कहा कि हिन्दू और मुसलमानों में प्रेम और सद्भवना का रामसेतु बनाना होगा। इस दौरान डॉ. नजमा परवीन, डॉ. अर्चना, डॉ. मृदुला जायसवाल, आभा, खुर्शीदा बानो, रौशनजहां, नूरजहां, हफिजुननिशा, अजीजुननिशा, सायना, नरगिस, रुकैया बीबी आदि रहीं।

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