
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
अहरौला थाना क्षेत्र में सोमवार की रात को एक साड़ सोते समय मतलूबपुर गांव निवासी देवीप्रसाद पांडेय (65) पर हमला बोल दिया। किसी तरह से वह अपनी जान बचाकर भागे।
मंगलवार को आक्रोशित घायल के परिजन और ग्रामीण विरोध प्रदर्शन किए। ग्रामीणों का कहना था कि कई साल से गांव में छुट्टा पशुओं से लोग त्रस्त हैं। गांव के किसान खेती करना छोड़ दिये हैं। सालों से छुट्टा पशुओं के आतंक से फसल नहीं उगा पा रहे हैं। वही एक साड़ कई महीनों से लोगों पर जानलेवा हमला बोल रहा है। इसके पहले भी आधा दर्जन लोगों पर साड़ जानलेवा हमला कर चुका हैं।
सोमवार की रात में अपने घर पर सो रहे मतलूबपुर गांव निवासी देवीप्रसाद पांडेय पर सांड़ ने हमला बोल दिया। जिससे गंभीर रूप से घायल हो गए। बुजुर्ग ने भाग कर किसी तरह से अपनी जान बचाई। मंगलवार को जैसे आसपास के लोगों को इस बात की जानकारी हुई तो लोग आक्रोशित हो गये। गमीण विरोध प्रदर्शन पर उतर गए। खंडविकास अधिकारी व गांव के सचिव को भी मामले से अवगत कराया। ग्रामीण का कहना है कि इसके पहले भी उपजिलाधिकारी से लेकर खंडविकास अधिकारी को छुट्टा पशुओं के आतंक को लेकर शिकायत की गई, लेकिन हमेशा खाना पूर्ति कर मामला ठंढें बस्ते में डाल दिया जाता है। इसकी सूचना जैसे ही ब्लॉक प्रशासन को लगी छुट्टा पशु के धर पकड़ के लिए सफाई कर्मियों को लगा दिया गया। इस मौके पर प्रदर्शन करने वालों में घायल देवीप्रसाद पांडे, पुल्लुर गिरी, मखन्चू, देवेंद्र सिंह, सुरेश, रोहित, दिनेश पांडेय, अशरफी, मुनरिका आदि लोग मौजूद रहे।
