
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
अतरौलिया थाने की पुलिस द्वारा नौ अगस्त 2024 को जो दो लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की थी। उसकी छपाई बांग्लादेश में हुई थी। वहीं से लाकर तस्कर सप्लाई कर रहे थे। इस बात का खुलासा जांच के बाद हुआ है। पुलिस अब इस नकली नोट की छपाई और सप्लाई करने वाले गिरोह की कमर तोड़ते हुए सलाखों के पीछे ढकेलने की तैयारी में जुट गयी है।
बता दें कि अतरौलिया थाने की पुलिस द्वारा नौ अगस्त को सचिन पांडेय नामक एक आरोपी को पकड़कर दो लाख रुपये की नकली नोट बरामद किया था। जबकि उसका दूसरा साथी अपन सिन्हा को पुलिस पश्चिम बंगाल के माल्दह जिले से पकड़ कर लाई थी। दोनों आरोपी जेल में हैं।
पुलिस इन दोनों आरोपियों के साथ और कितने लोग जुड़े हैं। यह लोग कहां से नकली नोट लाए थे। मुख्य अड्डा कहां है। नकली नोट छापने के लिए किस कागज का इस्तेमाल करते हैं और कागज कहां से लाते हैं।पुलिस इन सभी बातों का पता लगाने के लिए दो लाख रुपये की नकली नोटों को जांच के लिए मध्य प्रदेश के देवास में स्थित विधि विज्ञान प्रयोग शाला में भेजवाई थी। साथ ही अपने स्तर से जांच पड़ताल में जुटी हुई थी। पुलिस की जांच में नोट बांग्लादेश में छपे होने का पता चला है।
बता दें कि आजमगढ़ जिले में नकली नोटों की सप्लाई करने वालों का एक बहुत बड़ा रैकेट है। पूर्व में भी कयी अपराधी नकली नोटों के साथ गिरफ्तार हो चुके हैं। नकली नोट के बाजार में चलन से अर्थ व्यवस्था को चोट पहुंच रही थी। इसी को ध्यान में रखने हुए पुराने बड़े नोटों को सरकार ने बंद कर दिया। साथ ही उनके बदले में नयी नोट चलाया जा रहा है।बाजार में धड़ल्ले से नकली नोट चलने से भारतीय अर्थ व्यवस्था को चोट पहुंच रही है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि अतरौलिया पुलिस द्वारा बरामद की गयी दो लाख नकली नोटों को जांच के लिए भेजवाया गया था। साथ ही पुलिस भी जांच कर रही है। अब तक की जांच में पता चला कि यह नकली नोट बांग्लादेश में छापी है। वहीं से तस्कर लाकर नकली नोटों कि सप्लाई करते थे। पुलिस तह तक जाने के प्रयास में जुटी हुई है।
