दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के जलालपुर महाबलपट्टी गांव निवासी ओमप्रकाश वर्मा की पुत्री खुशबू की शादी चार साल पहले महराजगंज थाना क्षेत्र के देवारा जदीद में हुई थी। वह गर्भवती थी। वह मायके में आई और यहीं पर थी। उसे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे पास के ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराए। पीड़ित परिवार का कहना है कि अस्पताल के डॉक्टर ने उनसे कहा कि लड़की का ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके बाद परिजनों की सहमति से डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। लगभग 7 दिन तक अस्पताल में रखा। इसके बाद डॉक्टर ने कुछ दवाएं देकर उन्हें अस्पताल से वापस घर भेज दिया। परिजनों का कहना है कि तीन से चार दिन बाद ही लड़की की तबीयत काफी खराब होने लगी। उसके पूरे शरीर में सूजन आ गई। परिजनों ने पुनः डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने अपने हिसाब से इलाज किया, लेकिन जब सुधार नहीं हुआ तो वह आज़मगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल में भेज दिया। वहां भी सुधार नहीं हुआ तो उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। लखनऊ में ही इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि गलत ऑपरेशन करने की वजह से प्रसूता की समस्याएं बढ़ गई और उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिजनों ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन के ही अस्पताल संचालित किया जा रहा है। यही नहीं जो अस्पताल में मरीजों को देखता है उसके पास कोई डिग्री भी नहीं है। वहीं इस संबंध में जब अस्पताल संचालक से पूछा गया तो उसने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इस संबंध में सीएमओ डॉक्टर अशोक कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मामले में जांच टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
